वाराणसी (ब्यूरो)बनारस में कुछ भी हो सकता हैयहां सब गुरु, केहू नाहीं चेलाÓ। यह एक ऐसा शहर है, जहां चट्टी-चौराहों के साथ चाय की अडिय़ों पर चाय की चुस्कियों के बीच ज्ञान की गंगा बहती हैंचुनावी मौसम में इसकी रफ्तार कई गुना बढ़ गई हैसात मई से हर वक्त चुनावी से जुड़ी चौंकाने वाली खबरें सामने आ रही हैंअब तक जो चुनाव लडऩे का दम भर रहे थे, उसमें किन्नर महामंडलेश्वर हिमांगी सखी, जनवादी पार्टी के मुखिया संजय चौहान, बहादुर आदमी पार्टी के संयोजक राजेंद्र गांधी समेत कुछ दावेदारों को भगवा रंग भा गयाबाकी श्याम रंगीला, हरप्रीत सिंह, संतोष शर्मा, सुरेंद्र नारायण सिंह, रीना राय, नेहा जायसवाल, वेदपाल शास्त्री, अतिम कुमार, विजय नंदन, परवेज कादिर खान समेत कुल 33 प्रत्याशियों का पर्चा निर्वाचन आयोग ने खारिज कर दियानिर्वाचन आयोग के एक फैसले ये लोग चुनावी रण से गायब हो गएअभी तो एक या दो प्रत्याशियों के नाम वापसी की चर्चा भी खूब हैयह तस्वीर शुक्रवार को पूरी तरह से साफ हो जाएगी

पहली बार आया नामांकन मैनेजमेंट

बूथ से लगाकर तमाम मैनेजमेंट का नाम आपने सुना और गुना होगा, लेकिन वाराणसी का नामांकन भी सुखिर्यों में रहागुजरात, राजस्थान, बिहार से आए तमाम उम्मीदवार नामांकन स्थल के बाहर मजमा लगाए रहेइस बार 2014 2019 के मुकाबले काफी कम नामांकन हुआनामांकन के आखिरी दिन मंगलवार को पीएम नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस के अजय राय समेत कुल 41 नामांकन पत्र भरे गएजांच में 33 पर्चे खारिज हो गएसिर्फ आठ प्रत्याशियों के पर्चे वैध पाए गएयह संख्या अभी और कम हो सकती है

इस बार सबसे कम नामांकन

2019 के लोकसभा चुनाव के 102 लोगों ने नामांकन किया थाहालांकि,, पर्चा जांच व वापसी के बाद सिर्फ 30 ही मैदान में डटे रहेइसी प्रकार 2014 में 78 उम्मीदवारों ने नामांकन किया पर मैदान में 42 ही ताल ठोक सके थेशेष पर्चा वापसी व जांच में बाहर हो गए थेइस बार सात मई से कलेक्ट्रेट परिसर में शुरू नामांकन के पहले दिन से लंबी कतार लगी दिखी, लेकिन नामांकन में सफलता कुछ ही लोगों को मिलीइसकी पीड़ा कई लोगों ने निर्वाचन आयोग से की तो कुछ ने मीडिया को आप बीती सुनाई

08 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र वैद्य मिले

वाराणसी संसदीय सीट पर नामांकन किये 41 प्रत्याशियों में से कुल 08 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र वैध पाये गयेइनमें पीएम नरेन्द्र मोदी, भाजपा, अजय राय-कांग्रेस, अतहर जमाल लारी-बसपा, गगन प्रकाश-अपना दल (कमेरावादी), पारस नाथ केशरी-राष्ट्रीय समाजवादी जन क्रांति पार्टी, कोली शेट्टी शिवकुमार- युग तुलसी पार्टी, संजय कुमार तिवारी-निर्दल व दिनेश कुमार यादव-निर्दल शामिल हैंनाम वापसी का आज अंतिम दिन हैकुछ और सूरमा भी चुनावी रण छोड़ सकते हैं

इनके पर्चे खारिज

विनय कुमार त्रिपाठी- लोग पार्टी,

सुरेंद्र नारायण सिंह- भाजपा,

रीना राय- निर्दल,

नेहा जायसवाल-निर्दल,

अजीत कुमार जायसवाल-निर्दल,

अशोक कुमार पांडेय-निर्दल,

संदीप त्रिपाठी-निर्दल,

हरप्रीत सिंह-अखिल भारतीय परिवार पार्टी,

नरसिंह-निर्दल,

संतोष कुमार शर्मा- मौलिक अधिकार पार्टी,

हेमंत कुमार यादव-मानवीय भारत पार्टी

सुरेश पाल-राष्ट्र उदय पार्टी,

रामकुमार जायसवाल-निर्दल,

यशवंत कुमार गुप्ता-गांधियन पीपुल्स पार्टी,

नित्यानंद पाण्डेय- निर्दल,

अमित कुमार- निर्दल,

विजय नंदन- जनहित किसान पार्टी,

सुनील कुमार- इंडियन नेशनल समाज पार्टी,

श्याम सुन्दर-निर्दल,

तुषा मित्तल-निर्दल,

विक्रम कुमार वर्मा-निर्दल,

परवेज कादिर खान-पीस पार्टी,

योगेश कुमार शर्मा-निर्दल,

वेदपाल शास्त्री- वंचित इंसाफ पार्टी

सुरेंद्र रेड्डी-निर्दल

अभिषेक, बहादुर आदमी पार्टी

शिवम सिंह

सचिन कुमार सोनकर

2014 में वाराणसी संसदीय चुनाव

102 नामांकन

72 पर्चा खरिज

30 कैंडिडेट मैदान में रहे

2019 में वाराणसी संसदीय चुनाव

78 नामांकन

36 पर्चा खारिज

42 कैंडिडेट मैदान में रहे

2024 वाराणसी संसदीय चुनाव

41 नामांकन

33 पर्चा खारिज

8 कैंडिडेट अभी मैदान में हैं

पर्चा वापसी का आज अंतिम दिन

लोकसभा चुनाव के सातवें चरण में नामांकन करने वाले शुक्रवार को दोपहर तीन बजे तक पर्चा वापस ले सकते हैंइसके बाद चुनाव चिह्न का आवंटन होने के बाद यह तय हो जाएगा कि वाराणसी संसदीय सीट से कौन-कौन किस्मत आजमाएगामतदान एक जून को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक व वोटों की गिनती चार जून को होगी.