-सुबह से ही शुरू हो गए थे अनुष्ठान, सुंदरकांड

-शाम को घर-घर जले दीप, शहरवासियों ने एक-दूसरे को खिलाई मिठाई

पांच शताब्दी बाद पांच अगस्त को अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के मंदिर के लिए भूमि पूजन को लेकर जिस तरह अवध में उत्साह था उससे कम काशी में नहीं था। अयोध्या की तरह ही बाबा विश्वनाथ की नगरी भी इठला रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दोपहर 12.44 बजे भूमि पूजन किया। वहां भूमि पूजन के लिए वेद की रिचाएं पढ़ीं जा रही थीं तो काशी सोहर गाया जा रहा था। सुबह से ही मंदिरों, मठों एवं घरों में अनुष्ठान, सुंदरकांड, रामचरित मानस पाठ शुरू हो गया था। ऐसा लग रहा था जैसे मानो प्रभु श्रीराम का जन्मदिवस हो। भादों में ही रामनवमी व दीवाली जैसा माहौल था। भूमि पूजन होते ही लोगों ने पटाखे फोड़े, एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। चारों ओर जय श्रीराम के नारे गूंज रहे थे। व्यापारियों, नेताओं के साथ ही आम लोगों ने भी शाम को लाखों दिए जलाए।

श्रीराम जन्मभूमि की पवित्र मिट्टी से दर्शन

इस आनंद को काशी में हर जाति एवं धर्म के लोगों ने उत्साह के साथ मनाया। ऐसा हो भी क्यों नहीं, अयोध्या एवं काशी का गहरा नाता है। भगवान शिव एवं भगवान राम एक-दूसरे को अराध्य जो मानते हैं। गोस्वामी तुलसीदास ने यहीं पर रामचरित मानस को पूरा किया। रामभक्ति, श्रीराम कथाओं एवं रामलीलाओं को घर-घर पहुंचाकर एक तरह भक्ति का आंदोलन किया था। श्रीराम मंदिर बनने जा रहा हैं तो यहां 'श्रीराम जन्मभूमि पूजनोत्सव' का आयोजन हुआ। अयोध्या से लाई गई श्रीराम जन्मभूमि की पवित्र मिट्टी दर्शन के लिए रखी गई थी।

जले आस्था के दीप

महानगर उद्योग व्यापार समिति की ओर से अध्यक्ष प्रेम मिश्रा, महामंत्री अशोक जायसवाल, उपाध्यक्ष सोमनाथ विश्वकर्मा, अजय गुप्ता, मनीष गुप्ता, राजनीश कनौजिया,भजन अग्रहरी, युवा अध्यक्ष मनीष चौबे, गुलशन, विनोद, अशीष, कैलाश आदि के नेतृत्व में व्यापारियों ने अपनी दुकानों के सामने पांच-पांच दिए जलाए। लघु उद्योग भारती काशी प्रांत की ओर से कबीर चौरा पर लड्डू बांटा गया। पाणिनी कन्या विद्यालय में भी दीपोत्सव मनाया गया। राम-जानकी, हनुमत, शिव, मां दुर्गा सहित सभी मंदिरों, मठों एवं अनुष्ठान हुआ। सोनारपुरा चौराहे के पास प्रभु श्रीराम की मूíत रखकर भक्तों ने डमरू बजाया। साथ ही लड्डू का भोग लगाकर प्रसाद का वितरण। भारत विकास परिषद् शिवा द्वारा आयोजित गुरुधाम कॉलोनी स्थित श्री राम जानकी मंदिर में शिवा शाखा द्वारा श्रृंगार आरती भजन एवं प्रसाद का कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ। वहीं मुस्लिम महिलाओं ने प्रभु श्री राम की आरती की और कहा, 'राम हमारे और हम राम के हैं'। यह भी कहा कि हमारा डीएनए श्रीराम से मिलता है बाबर से नहीं। भारत विशाल परिषद की ओर से प्रभू श्रीराम नाम का जप किया गया।

आस्था में डूबी रही काशी

भूमि पूूजन के दौरान आस्था में डूबी काशी के हर मंदिर हर शिवाले पर हर हर महादेव और जय श्री राम के बोल ने काशी से राम के नेह का नाता जोड़ दिया। आस्थावानों का उसाह चरम पर नजर आया। कोरोनाकाल में सार्वजनिक रूप से भीड़भाड़ लगाने पर मनाही थी इसलिये लोगों ने टीवी पर ही आयोजन का प्रसारण देखकर खुशियां मनाईं। काशीवासी टीवी सेट पर भूमि पूजन को देखते रहे और मंत्रोच्चार संग हर हर महादेव और जय श्रीराम की गूंज काशी की फिजां में राम रस कानों में घोलती नजर आई।

अस्सी चौराहे पर 1008 दीप की आरती

अस्सी चौराहा बुधवार की शाम राममय प्रकाश के साथ दीपों की लय से जगमगा उठा। 1008 दीपों की माला से काशीवासियों ने दीपोत्सव मनाया। हर हर महादेव के बीच जय श्रीराम के बोल अनुगूंजित हुए। चौराहा स्थित रामभक्त हनुमान, भोलेनाथ और अन्य देवी-देवताओं के विग्रह की आरती उतारी गयी। इसके बाद 1008 दीपों की लड़ी से विग्रहों को दीपत्मान किया गया। दौरान भाजपा के महामना मण्डल के उपाध्यक्ष समीर माथुर, कृष्णा पाण्डेय, श्याम शर्मा, शांतनु सिंह, विक्रम आदि मौजूद रहे।

अलर्ट मोड पर रही काशी

अयोध्या राम जन्मभूमि पूजन को लेकर बनारस शहर पूरे दिन अलर्ट मोड पर रहा। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस फोर्स की तैनाती रही। वहीं आला अधिकारी मौका मुआयना करते नजर आए। अतिसंवेदनशील इलाकों में एलआईयू की टीम शहर के प्रमुख चौराहों पर मुस्तैद रही। शहर में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के बाद कमिश्नर दीपक अग्रवाल, आईजी और एसपी सिटी ने गोदौलिया पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं एसएसपी अमित पाठक खुद शहर की सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे थे। वे सुबह से ही सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दे रहे थे। आदेश का पालन करते हुए सभी थानाध्यक्ष ऑन रोड आकर चेकिंग करने लगे। इस दौरान बैरीकेटिंग को लगाकर वाहन को रोकने और उनको चेक करने के बाद ही जाने दिया गया। इस दौरान सíकल के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में शांति व्यवस्था का जायजा लेते नजर आए।

घाट से लेकर दरबार तक रहा पहरा

गंगा घाटों से लेकर विश्वनाथ दरबार तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सड़कों पर खाकी चहलकदमी करते रही तो संकट मोचन मंदिर की बैरिकेडिंग कर फोर्स का कड़ा पहरा बैठा दिया गया। शहर के प्रमुख मंदिरों और धाíमक स्थलों पर कड़ी सुरक्षा नजर आई तो आस्थावानों ने भी कड़ी सुरक्षा में ही मंदिर में दर्शन पूजन कर विश्व कल्याण की कामना की। हिंदुओं के साथ मुस्लिमों ने भी इस मौके पर एक दूसरे का मुह मीठा कराकर अपनी खुशियां साझा कर काशी की सांझी विरासत की तस्वीर पेश की।

दीपों से सजा कम्यूनिटी हॉल-विज्ञापन

अयोध्या में भूमि पूजन को लेकर उत्साह में डूबे काशी के लोगों में जबदस्त उत्साह देखने को मिला। बुधवार को बारिश होने के बाद भी आशापुर स्थित रुद्र बुद्धा हाइट्स सोसायटी की ओर से दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उज्ज्वल मिश्रा के नेतृत्व में आयोजत हुए इस कार्यक्रम में सोसायटी के कम्यूनिटी हॉल को दीपों से ऐसा सजाया गया जैसे वहां श्री राम का मंदिर बन गया हो।