-कोरोना काल में बढ़ी मिट्टी के घड़ों की डिमांड

-कुम्हारों को मिली राहत

कोरोना वायरस की वजह से जहा ऐसी न चलाने की सलाह दी जा रही है, वही फ्रिज के पानी से दूर रहने की मजबूरी है। आयुष विभाग भी गर्म पानी पीने की सलाह दे रहा है, ताकि इम्युनिटी सिस्टम मजबूत हो। अब लोगो के पास प्यास बुझाने के लिए एक ही विकल्प है मिट्टी का घड़ा। शायद यही वजह है की फ्रीज के ?माने में लोगो को गुजरे ?माने का मिट्टी के घड़ों याद आ गई है। चलिए ठीक भी है कम से कम कोरोना के ही बहाने मिट्टी के घड़े बनाने वाले कुम्हारो को थोड़ी रहत तो मिली।

अधुनिक युग से हो रहे बाहर

आधुनिक दुनिया में मशीनों ने कुछ ऐसा साथ दिया कि देश के लोगों ने अपनी संस्कृति को ही भुला दिया, लेकिन इस कोरोना काल ने उसी संस्कृति और परंपरा को वापस ला दिया है। लॉक डाउन में जहा पुराने दोस्तों रिस्तेदारो को एक दूसरे के करीब ला दिया। सास-बहू, ननद-भौजाई की नोकझोक और पारिवारिक राजनीत जैसे सीरियल को छोड़ रामायण, महाभारत देखने लगे। वही अब मौका मिला है मटके यानि मिटटी के घडो में पानी पिने का। जी हां वही घड़े जिनका शीतल जल गर्मी के दिनों में हम सब की प्यास बुझाता था। इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं था। इन दिनों बनारस में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है, जहां मिट्टी के घड़ों को खरीदने के लिए लाइन लगी हुई है। खास बात यह है कि बाजार में संक्रमण से बचाने वाले घड़े भी मिलने लगे हैं।

दुकानों पर लगी भीड़

लॉकडाउन में छूट के बाद बाजार में सभी जरूरत के सामान लगभग मिलने लगे, लेकिन इस दौरान जिन दुकानों पर गिने चुने लोग आते थे, आज वहां प्रत्येक दिन भीड़ लगी हुई है। यह दुकान है मिट्टी के घड़ों की। घड़े खरीदने के लिए ग्राहकों की भीड़ लगी है। दुकानदार राजेश प्रजापति का कहना है कि अलग-अलग डिजाइन में इन घड़ों की एक खासियत भी है, यह घड़े पूरी तरह से संक्रमण को रोकने में मदद करेंगे। इन घड़ों में बकायदा नल लगाया गया है, जिससे घड़े के अंदर बिना हाथ डाले आप नल द्वारा पानी लेकर पी सकते हैं। नल लगे हुए अलग-अलग डिजाइन में यह घड़ें जनता को काफी पसंद आ रहे हैं।

फ्रिज के पानी से दूरी

गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। आलम यह है कि पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। इसी में कोरोना भी लोगो पर काल की तरह बैठा है। जरा सी लापरवाही किसी पर भी भरी पढ़ सकती है। कोरोना वायरस की वजह से फ्रिज के पानी से दूर रहने की मजबूरी है। आयुष विभाग भी गर्म पानी पीने की सलाह दे रहा है, ताकि इम्युनिटी मजबूत हो। इसी वजह से लोग मिट्टी के घड़ों की तरफ रुख करने के लिए मजबूर हुए। लोग इस भीषण गर्मी में ठंडा पानी पीने के लिए घड़ों को खरीद रहे हैं। खरीदारो का कहना है इस संक्रमण के इस दौर में फ्रिज का पानी पीने के लिए मना किया गया है, इसलिए हम मिट्टी के घड़ों का प्रयोग कर रहे हैं। इससे काम से काम शीतल जल तो पि सकेंगे।

भले ही इस कोरोना के कारण कई व्यवसाय को घाटा पहुंचा हो लेकिन कुम्हारों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। गर्मी के दिनों में मिट्टी के घड़ों की इस बार बढ़ी डिमांड उन कुम्हारों को राहत जरूर पहुंचाया है जिनके घर गर्मी के बाद भी आíथक मार झेला करते थे।

अजित सिंह बग्गा, अध्यक्ष, वाराणसी व्यापर मंडल

Posted By: Inextlive