वाराणसी (ब्यूरो)वाराणसी में 1 जून को मतदान हैइसके लिए अभी से तैयारी शुरू हो गई हैइस बार जिला निर्वाचन आयोग ने 80 प्रतिशत से ज्यादा मतदान कराने का टारगेट निर्धारित किया है, लेकिन पिछली बार तमाम प्रयास के बावजूद 60 फीसद से कम वोटिंग हुई थीबीएचयू, संस्कृत यूनिवर्सिटी समेत लगभग 11 सौ बूथों पर मतदान के प्रति लोगों का रुझान बहुत ही कम था, लेकिन इस बार लगभग हर व्यक्ति से मतदान कराने का लक्ष्य बनाया गया हैइसके लिए निर्वाचन आयोग ने स्पेशल प्लान तैयार किया हैबीएलओ से पिछली बार वोट नहीं देने वाले करीब पांच लाख वोटरों की सूची तैयार कराई जा रही हैइन लोगों को वोट देने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

विकास भवन बनेगा वार रूम

देश सबसे वीआईपी वाराणसी संसदीय सीट पर पूरी दुनिया की नजर हैपीएम नरेंद्र मोदी के चुनाव लडऩे की वजह से यहां की हर गतिविधियां सुर्खियों में रहती हैंइसी कड़ी में निर्वाचन आयोग ने भी रिकार्ड मतदान का इरादा बनाया हैअनोखे-अनोखे प्रयोग भी शुरू कर दिया हैइसके लिए विकास भवन में वार रूम तैयार कराया जा रहा हैजहां से बनारस से लेकर देश के अन्य हिस्सों में मौजूद यहां के वोटरों से संपर्क किया जाएगा.

सूची तैयार करने में जुटे बीएलओ

पिछले लोकसभा चुनाव में 40 फीसद ज्यादा वोटरों ने मतदान नहीं किया थाइसमें बहुत से लोग शहर में मौजूद थेबावजूद के इसके मतदान नहीं किया थाइसके अलावा बड़ी संख्या में लोग रोजी-रोटी के लिए अन्य शहर और प्रदेशों में रहते हैं, ये लोग भी मतदान के लिए नहीं आए थेऐसे लोगों की पहचान के लिए निर्वाचन आयोग ने बीएलओ से डोर-टू-डोर सर्वे कराया हैऐसे लगभग पांच लाख लोगों की सूची तैयार हो रही है

हर दिन बीस हजार वोटरों को होगी कॉल

विकास भवन तैयार वार रूम में 20 से 25 कर्मचारियों की तैनाती होगीइन कर्मचारियों से उन लोगों को कॉल कराया जाएगा, जिन्होंने पिछली बार चुनाव में किसी कारणवश मतदान में भाग नहीं लिया थाऐसे करीब पांच लाख लोग है, जिन्हें वार रूप से काल होगीप्रतिदिन 20 हजार लोगों को काल जाएगीयह प्रक्रिया 1 जून तक चलती रहेगीएक नहीं, कई बार कॉल कराई जाएगीउन्हें बार-बार याद दिलाया जाएगा कि एक जून मतदान है, इसमें जरूर हिस्सा लें

बीएचयू व काशी विद्यापीठ के छात्र भी बने वोटर

लोकसभा या विधानसभा का चुनाव हो, लगभग सभी चुनाव में बीएचयू के बूथ पर वोट प्रतिशत सबसे कम रहता हैइस बार ऐसा नहीं होगाबीएचयू में वोट प्रतिशत बढ़ाया जाएगाइसके लिए निर्वाचन आयोग की पहल पर बीएचयू व काशी विद्यापीठ में अध्ययनरत अन्य प्रदेशों के छात्रों को भी वोटर बनवाया गया है, जो इस बार मताधिकार का प्रयोग करेंगेवोटरों की संख्या दस हजार से अधिक है

इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया हैइसके लिए विशेष तैयारी भी की गई हैजिन्होंने पिछले चुनाव में वोट नहीं दिया था, उनकी सूची तैयार की गई हैवार रूम से उन्हें कॉल की जाएगी और 1 जून को मतदान के लिए प्रेरित किया जाएगा.

-हिमांशु नागपाल, सीडीओ