देहरादून (ब्यूरो)। 3 दिसंबर को मूल रूप से बिजनौर निवासी और हाल में सेलाकुई में रह रहे आलम अपने भानजे 18 वर्षीय अरमान की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना सेलाकुई में दर्ज करवाई थी। अरमान 2 दिसंबर से लापता था। जांच के दौरान अरमान के मोबाइल की सीडीआर से उसकी आखिरी लोकेशन टर्नर रोड मिली। अरमान ने जिस नंबर पर फोन किया था, उस नंबर पर फोन करके उठाने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह शंकरपुर सहसपुर में किराये के कमरे में रहता था। उस दिन एक लड़का छोटा हाथी वाहन पर उसे आईएसबीटी छोड़ने आया था। वह उसे नहीं जानता। लड़का खुद का लखीमपुर खीरी का बता रहा था। पुलिस ने शंकरपुर में तलाश कि तो एक व्यक्ति द्वारा दो दिन पहले कमरा छोड़कर जाने की बात सामने आई। शक होने पर पुलिस ने उसी नंबर की लोकेशन के आधार पर टर्नर रोड पर छापा मारा तो लखीमपुर खीरी निवासी 32 वर्षीय मुशीर अली पकड़ में आया।

दूसरी और तीसरी का चक्कर
पूछताछ में पता चला कि मुशीर डेढ़ वर्ष से शंकर पुर के किराये के मकान में रहता था। उसके तीन बच्चे हैं। एक रोड एक्सीडेंट में चोट आ जाने से उसकी पत्नी सर्फूनिशा से मानसिक रूप से ठीक नहीं थी। इसी दौरान लखीमपुर खीरी की ही बबली बानो से उसकी मुलाकात हुई और उसने बबली बानों से शादी कर ली। वह दोनों पत्नियों और तीनों बच्चों के साथ शंकर पुर के किराये की मकान में रह रहा था।

अरमान आया बीच में
मुशीर के अनुसार उनके मोहल्ले में बिजनौर निवासी 18 वर्षीय अरमान प्रेशर कुकर ठीक करने आता था। उसकी दूसरी पत्नी बबली बानो से हो गई थी। अरमान अक्सर छिपकर बबली बानो से मिलता था। मुशीर के अनुसार उसने बबली को समझाया, लेकिन वह बात मानने के बजाय उसकी पहली पत्नी को परेशान करने लगी और बच्चों को पीटने लगी। इससे तंग आकर पहली पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई।

किरण साहनी से गांठी दोस्ती
इस बीच मुशीर का पता चला कि उसकी दूसरी पत्नी किरण बानो की बिंदाल पुल बस्ती में रहने वाली बिहार निवासी किरण साहनी से दोस्ती है। अरमान भी उसे जानता है। मुशीर ने जान-पहचान निकालकर किरण से दोस्ती कर ली। इस बीच उसने शंकरपुर का कमरा छोड़ दिया और दूसरी पत्नी बबली बानो के साथ मुस्लिम कॉलोनी टर्नर रोड पर रहने लगा। दूसरी पत्नी बबली बानो के साथ किरण साहनी भी कमरे पर आने लगी। बबली के अरमान के साथ अवैध संबंध होने के कारण और किरण से दोस्ती होने के बाद वह बबली को रास्ते से हटाने की साजिश करने लगा। करीब 20 दिन पहले उसने किरण साहनी के साथ मिलकर टर्नर रोड वाले किराये के कमरे में बबली बानो की हत्या कर दी औरशव को अपनी टवेरा गाड़ी में डालकर किरण के साथ हरिद्वार से होक पिरान कलियर रोड के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। बबली के मर्डर की उन्होंने बाकायदा वीडियो भी बनाई।

20 दिन बाद अरमान की बारी
मुशीर के अनुसार इस बीच अरमान लगातार किरण साहनी से संपर्क करने की कोशिश कर रहा था और बबली बानो के बारे में जानकारी कर रहा था। अरमान के किरण साहनी से भी संबंध होने के कारण और वह पहले से खुंदक में था। अब उसे यह भी शक हो रहा था कि वह बबली बानो के गायब होने का खुलासा न कर दे। 2 दिसंबर को अरमान का फोन आया। उसने मिलने के लिए कहा। उसने किरण साहनी से बात की और अरमान को भी रास्ते से हटाने का प्लान तैयार किया। उसके बाद अरमान को टर्नन रोड वाले कमरे पर बुला लिया। वह अपनी बाइक से आया। प्लान के अनुसार मुशीर में अरमान को किरण के साथ बात करने के लिए छोड़ दिया। बाहर चला गया। कुछ देर बाद मुशीर अंदर गया और ईंट से अरमान के सिर पर चोट मार दी। वह नीचे गिर गया। उसने किरण के साथ मिलकर अरमान के शव को चादर में लपेटकर उसका गला घोंट दिया। डेड बॉडी को कट्टे में रखकर दिन में ही अपनी टवेरा गाड़ी में रख कर अरमान के शव को देहरादून से नेपाली फार्म तिराहा होते हुए पुराने पुल के नीचे फेंक दिया।

अरमान की डेडबॉडी बरामद
पुलिस ने बिंदाल बस्ती से किरण साहनी को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उनकी निशानदेही पर रायवाला क्षेत्र के अरमान के शव को बरामद कर लिया गया। दोनों वारदात में इस्तेमाल की गई टवेरा गाड़ी भी पुलिस ने जब्त कर ली। अरमान की बाइक और उसका मोबाइल फोन पुलिस ने बरामद कर लिया। बबली बानो के मर्डर की दौरान बनाई वीडियो भी मुशीर के मोबाइल फोन से बरामद कर ली गई है। आरोपियों के पास से कुल सात मोबाइल फोन बरामद किये गये। अरमान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जबकि बबली बानो के शव के मामले कलियर रोड से संबंधित पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।