देहरादून(ब्यूरो) एफआरआई कैंपस में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हो रहा है। लेकिन, आयोजन से पहले 5 व 6 दिसंबर को एफआरआई के जंगलों में लेपर्ड की दस्तक देखने को मिली। खुद एफआरआई के कर्मचारियों ने मसंदावाला वाले क्षेत्र के बंगला नंबर-15 के पास रात को लेपर्ड का मूवमेंट देखा। इसके बाद एफआरआई प्रशासन की ओर से डीएफओ दून को पत्र भेजा गया। इन्वेस्टर्स समिट के एक दिन पहले ही लेपर्ड के मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में कई रेंज के कार्मिकों के साथ फॉरेस्ट हेडक्वार्टर की रेस्क्यू टीम को थर्सडे एफआरआई कैंपस में भेजा गया। कारण, फ्राइडे को पीएम नरेंद्र मोदी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन करना था। कहीं, ऐसा न हो कि दिन में ही एफआरआई के जंगलों से लेपर्ड मुख्य कैंपस में न आ जाए।

एफआरआई ने लिखा था पत्र
फॉरेस्ट की तमाम टीमों ने थर्सडे पूरी रात एफआरआई के जंगलों की खाक छानी। हालांकि, कहीं भी लेपर्ड की आवक नजर नहीं आई। लेकिन, टीमों को फ्राइडे से लेकर सैटरडे तक एफआरआई में कैंप करने के आदेश दिए गए हैं। कई शिफ्टों की टीमें मुस्तैदी से जुटी हुई हैं। इसमें एसडीओ से लेकर रेंजर मेधावी कीर्ति, डॉ। अमित ध्यानी, वन दरोगा, वन बीट अधिकारी, रेस्क्यू टीम मेंबर जितेंद्र बिष्ट को तैनात किया गया है।

यही वक्त लेपर्ड के मूवमेंट का
बताया जा रहा है कि दो पहले भी इसी वक्त पर एफआरआई में मेल-फिमेल लेपर्ड दिखाई दिए। उस वक्त तत्कालीन डीएफओ ने भी रात में लेपर्ड को करीब से देखा।

दिखने पर ट्रेंकुलाइज के थे आदेश
बताया जा रहा है कि जब डीएफओ दून के एफआरआई में लेपर्ड के मूवमेंट को लेकर पत्र मिला। उसके बाद वन विभाग की टीमों को निर्देश दिए गए कि कहीं भी इन्वेस्टर्स समिट के दौरान लेपर्ड दिख जाए, ट्रेंकुलाइज किए जाने के आदेश दिए गए थे। जिससे समिट में लेपर्ड की ओर से कोई व्यवधान उत्पन्न न हो।

मथुरा की टीम ने पकड़ेे 43 बंदर
इन्वेस्टर्स समिट व आईएमए पासिंग आउट परेड को देखते हुए आईएमए (इंडियन मिलिट्री एकेडमी) में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम ने मथुरा से दून में पहुंची टीम के सहयोग से लगातार दो दिनों तक 43 बंदरों को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा।
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