देहरादून, ब्यूरो।
अंकिता हत्याकांड प्रकरण सामने आने के बाद बीती 25 सितंबर को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में अधिकारियों की बैठक ली। स्पष्ट किया था कि पूरे स्टेेट में अवैध रूप से बने रिजॉर्ट पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सीएम ने यहां तक कह दिया था कि कार्रवाई की रिपोर्ट वे पूरे महीनेभर तक लेंगे। फिर क्या था, एक-एक करके जिला प्रशासन भी कार्रवाई पर जुट गए। दून में भी प्रशासन ने अपना होमवर्क पूरा करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में ट्यूजडे को पहाड़ों की रानी मसूरी में कई विभागों की ज्वाइंट टीम ने कार्रवाई की। रजिस्ट्रेशन न करने वालों पर जुर्माना वसूला।

नियम के तहत रजिस्ट्रेशन जरूरी
बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन के निशाने पर फिलहाल दून जिले में करीब सौ से अधिक ऐसे होटल, रेस्टोरेंट, रिजॉर्ट और होम स्टे हैं। जिन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है। जिसको प्रशासन अवैध तरीके से निर्माण होना व संचालन करना मान रहा है। दरअसल, नियमानुसार होटलों, रेस्टोरेंट व होम स्टे को पर्यटन विभाग में अपना रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। हालांकि, इसमें यह भी स्पष्ट है कि कुछ होटल सराय एक्ट के तहत पंजीकृत थे। लेकिन, राज्य में सराय एक्ट वर्ष 2018 में समाप्त हो गया है। लिहाजा, इस एक्ट के तहत पंजीकृत होटलों, रेस्टोरेंट या फिर होम स्टे को भी अब पर्यटन विभाग के तहत रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है। इसके अलावा जो होटल, होम स्टे सराय एक्ट में रजिस्टर्ड नहीं हैं, उन्हें भी पर्यटन विभाग में अपना रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।

लग रहा 10 हजार का जुर्माना
बताया गया है कि जिन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। प्रशासन की टीम इन पर सबसे पहले कार्रवाई कर रही है। लेकिन, सराय एक्ट के तहत आने वाले नॉन रजिस्टर्ड होटल व होम स्टे पर फिलहाल 10 हजार का जुर्माना वसूला जा रहा है।

इन इलाकों में चल रहे रिजॉर्ट
-मसूरी
-मसूरी रोड
-सहस्रधारा
-विकासनगर
-ऋषिकेश
-रायपुर
-मालदेवता

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