- बारिश और भूस्खलन से रोड, पेयजल, बिजली, सिंचाई लेकर भवनों को भारी क्षति
- अब तक 1000 करोड़ से अधिक की क्षति, आंकड़ा पहुंच सकता 2000 करोड़ के पार

देहरादून (ब्यूरो): बताया जा रहा है यदि बारिश का रौद्र रूप ऐसे ही देखने को मिला, तो क्षति 2000 करोड़ तक पहुंच सकती है। मानसून ने सड़कों को सर्वाधिक जख्म दिया है। राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों समेत सभी तरह की सड़कों और पुलों को करीब 540 करोड़ की क्षति हुई है। इसके अलावा कृषि भूमि, पेयजल, बिजली, सिंचाई गूलों और भवनों आदि को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मानसून अभी सक्रिय है और क्षति का आकलन भी विभागवार चल रहा है। बताया जा रहा है कि सरकार क्षतिपूर्ति के लिए केंद्र सरकार से मांग कर रही है।

आपदा से जूझ रहा प्रदेश
अतिवृष्टि के कारण उत्तराखंड भी आपदा की स्थिति से जूझ रहा है। नदी-नालों का वेग भयभीत कर रहा है, तो भूस्खलन, भूधंसाव के कारण सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंच रहा है। ऑल वेदर रोड समेत अन्य राजमार्ग हों या फिर राज्य राजमार्ग, जिला और संपर्क मार्ग हों या फिर पीएमजीएसवाई की सड़कें सभी मौसम की मार से छलनी हुई है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में कठिनाइयां और बढ़ गई हैं। यही हाल दूसरे विभागों की भी है।

दून में पेयजल का सबसे ज्यादा नुकसान
अकेले दून में इस बार आपदा से पेयजल योजनाओं को 10 करोड़ से अधिक की क्षति पहुंची है। आपदा से पेयजल निगम की 326 पेयजल योजनाएं डैमेज हुई है। इसमें से दून की सर्वाधिक 116 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। राहत की बात है कि अल्मोड़ा और यूएसनगर जिले में आपदा से पेयजल को कोई क्षति नहीं हुई है।

नहरों को 15 करोड़ का नुकसान
दून में सिंचाई नहरों को भी मानसून ने बड़ी क्षति पहुंचाई है। नदियों का तेज बहाव कई गांवों के लिए खतरा बना हुआ है। सिंचाई खंड देहरादून के अधिशासी अभियंता दिनेश चंद्र उनियाल ने बताया कि दून में सौंग, जाखन, बांदल, सुसवा नदी और अन्य नदी नालों में बाढ़ की वजह से रायवाला, गोहरीमाफी, साहबनगर, श्यामपुर, आमबाग, रानीपोखरी, भोगपुर, सौण सरोली, डोईवाला, बुल्लावाला, शिशुपानी, घमंडपुर, बड़कोट, लिस्ट्राबाद, त्यागी गार्डन, लाल तप्पड़, कांवली और बीजापुर आदि नहरों को करीब 15 करोड़ की क्षति हुई है। नहरों की मरम्मत के लिए धन की मांग भेज दी की गई है।

पेयजल निगम की क्षतिग्रस्त योजनाएं, मरम्मत पर होने वाला खर्च
जिला कुल योजना अनुमानित खर्च
बागेश्वर 4 5.80
चमोली 4 9.80
चंपावत 4 21.20
देहरादून 116 360.76
हरिद्वार 9 45.75
नैनीताल 24 55.63
पौड़ी 64 206.20
पिथौरागढ़ 16 59.74
रुप्रदप्रयाग 7 35.50
टिहरी 14 61.29
उत्तरकाशी 64 171.55
कुल 326 1033.22
(धनराशि रुपए लाख में)

विभागवार आकलन
इस सीजन में पहली बार विभागवार आकलन कराया जा रहा है। विभागों से क्षति के आंकड़े लेकर आपदा प्रबंधन विभाग इन्हें संकलित कर रहा है। शुक्रवार तक विभिन्न विभागों की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना को कंपाइल किया गया, तो 1056 करोड़ रुपए इसकी अनुमानित क्षति आंकी गई है।

विभागवार अब तक की क्षति पर एक नजर
विभाग क्षति (करोड़ रुपए में)
पीडब्ल्यूडी 349.23
एनएच 41.57
पीएमजीएसवाई 134.96
सिंचाई 77.20
गन्ना 48.37
पंचायतीराज 36.43
जल संस्थान 29.70
पिटकुल 25.48
ऊर्जा निगम 24.98
शहरी विकास 23.66

भारी बारिश और लैंडस्लाइड से सड़कों को भारी क्षति पहुंची है। कई रोड एक-एक किलोमीटर तक धंस गई हंै। लैंड स्लाइड जोन पर 24 घंटे जेसीबी मशीनें तैनात हैं। सड़कों को खोलने का क्रम लगातार जारी है।
दीपक कुमार यादव, एचओडी, पीडब्ल्यूडी

पेयजल निगम को आपदा से भारी नुकसान पहुंचा है। कई क्षेत्रों में पेयजल लाइनों का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त है। अस्थाई रूप से क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत कर आपूर्ति सुचारू रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एससी पंत, एमडी, पेयजल निगम

इस बार सिंचाई नहरों को बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रदेश में अब तक नहरों को लगभग 75 करोड़ से अधिक का नुकसान हो गया है। इस तरह आपदा से पहले इतना नुकसान कभी नहीं हुआ था।
जयपाल सिंह, प्रमुख अभियंता एवं एचओडी, सिंचाई विभाग

पर्वतीय मार्गों की लाइफ लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। पीएमजीएसवाई की नई-पुरानी सड़कों को अभी तक करीब 135 करोड़ की क्षति पहुंची है। अधिकांश सड़कें मलबे के कारण हैं। अस्थाई तौर पर सड़कों को खोलने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
रवि प्रताप सिंह, चीफ इंजीनियर, पीएमजीएसवाई

नदियों में फ्लड आने और भूस्खलन के चलते हाईटेंशन लाइनों को अब तक 25 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। प्रभावित लाइनों की मरम्मत और अन्य जरूरी कार्य तत्काल किए जा रहे हैं। अभी तक बिजली व्यवस्था निरंतर निर्बाध गति से चल रही है।
पीसी ध्यानी, एमडी, पिटकुल

अब तक के नुकसान पर एक नजर
1000 करोड़ से अधिक की हो चुकी है राज्य में विकास योजनाओं को क्षति
2000 करोड़ पहुंच सकती है आने वाले समय में क्षति
500 करोड़ से अधिक हो चुका है अब तक सड़कों को नुकसान
1100 करोड़ से अधिक लगभग पहुंच चुकी है पेयजल योजनाओं को क्षति
300 के करीब सड़कें बारिश के कारण है बंद

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