देहरादून (ब्यूरो)। रात्रि प्रवास ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में करने के बाद सोमवार सुबह राष्ट्रपति शांतिकुंज व देव संस्कृति विश्वविद्यालय पहुंचे। इस दौरान विवि के कुलाधिपति डॉ। प्रणव पंड्या ने राष्ट्रपति को शांतिकुंज स्वर्ण जयंती वर्ष का गायत्री प्रतिमा स्मृति चिह्न, गंगाजली, विवि के स्वावलंबन विभाग की ओर से निर्मित जूट बैग और पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की ओर से प्रतिपादित सार्वभौम प्रज्ञा योग मार्गदर्शिका भेंट की। राष्ट्रपति ने विवि परिसर में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण किया और फिर परिवार के साथ प्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। उन्होंने बाल्टिक सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र पहुंचे राष्ट्रपति ने केंद्र के माध्यम से बाल्टिक देशों के साथ संबंध मधुर एवं मजबूत बनाने को किए जा रहे प्रयास एवं अनुसंधानों की सराहना की।

शिक्षण पद्धति का लिया जायजा
यहां विद्यार्थियों की ओर से विश्व कल्याण के लिए वैदिक प्रार्थना की गई। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की मूल्यपरक शिक्षण पद्धति, वैज्ञानिक अध्यात्मवाद, योग-आयुर्वेद, अनुसंधान, स्वावलंबन और विभिन्न रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन भी किया। विवि के मृत्युंजय सभागार में राष्ट्रपति, राज्यपाल और उच्च शिक्षामंत्री के साथ विवि के प्रमुख पदाधिकारियों एवं आचार्यों ने फोटो भी खिंचवाए। इस दौरान विवि के प्रतिकुलपति डॉ। चिन्मय पंड्या, कुलपति शरद पारधी, कुलसचिव बलदाउ देवांगन मौजूद रहे।

खाया सात्विक भोजन
शांतिकुंज चौके में सात्विक भोजन ग्रहण करने के बाद राष्ट्रपति गायत्री तीर्थ शांतिकुंज पहुंचे। यहां उन्होंने युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी शर्मा के कक्ष के दर्शन किए। इसी कक्ष में आचार्यश्री ने विश्व कल्याण के लिए साधना और साहित्य सृजन का महत्वपूर्ण कार्य संपन्न किया था। गायत्री परिवार के प्रमुखद्वय डॉ। प्रणव पंड्या और शैल दीदी ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। साथ ही उन्हें शांतिकुंज की ओर से चलाए जा रहे युवा व नारी जागरण, पर्यावरण आंदोलन समेत सप्त आंदोलन और विभिन्न रचनात्मक एवं सृजनात्मक कार्यक्रमों की जानकारी दी। गायत्री परिवार की ओर से राष्ट्रपति को गायत्री महामंत्र चादर और युगऋषि आचार्यश्री का साहित्य भी भेंट किया गया।