- विधानसभा सत्र के दौरान धरने प्रदर्शनों से कितना असर पड़ता है सरकार पर

- ज्यादातर लोग बोले नहीं पड़ता सरकार पर कोई असर

देहरादून

दून में सोशल मीडिया यूजर्स को इन दिनों राज्य विधानसभा सत्र के दौरान होने वाले धरने-प्रदर्शनों के फोटो और वीडियो सबसे ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। थर्सडे को राज्य विधानसभा के सेशन के चौथे दिन भी धरना-प्रदर्शनों का दौर जारी रहा।

जुलूस, धक्का-मुक्की और धरना

विधानसभा सत्र के दौरान अब तक 20 से ज्यादा प्रदर्शन हो चुके हैं। यानी एक दिन में एवरेज 5 प्रदर्शन। प्रदर्शनकारी पुलिस द्वारा निर्धारित जगह से चलते हैं और रिस्पना के पास बैरिकेड में उन्हें रोक दिया जाता है। यहां लगभर हर प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ लोगों की धक्का-मुक्की होती है, नारेबाजी होती है और प्रदर्शनकारी यहीं सड़क पर कुछ देर धरना देते हैं।

फेसबुक लाइव पर जोर

हर प्रदर्शकारी गुट में कम से कम 5-7 लोग ऐसे होते हैं, जो जुलूस को फेसबुक लाइव करते हैं। कुछ सोशल मीडिया न्यूज ग्रुप भी इन प्रदर्शनों को लाइव दिखाते हैं। इसके अलावा इन प्रदर्शनों में शामिल होने वाला हर सोशल मीडिया यूजर प्रदर्शन के वीडियो और फोटो अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड करते हैं। कुल मिलाकर दून का शायद ही कोई सोशल मीडिया यूजर हो जिस तक इन धरने-प्रदर्शनों की तस्वीरें और पोस्ट न पहुंचते हैं।

कितना असर पड़ता है सरकार पर

सवाल यह उठता है कि सत्र के दौरान होने वाले इन धरना प्रदर्शनों का क्या सरकार पर कोई असर पड़ता है और क्या इन प्रदर्शनों के बाद कोई मांग पूरी हो पाती है। अब तक का आकलन यह है कि प्रदर्शनकारी सत्र के दौरान अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए जुलूस-प्रदर्शन करते हैं, प्रशासन और पुलिस अपनी ड्यूटी का निर्वहन करते हुए इन्हें बैरिकेड पर रोकती है। प्रदर्शनकारियों के उग्र हो जाने पर बल प्रयोग किया जाता है, लेकिन आखिरकार नतीजा शून्य ही रहता है।

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट पोल

विधानसभा सत्र के दौरान होने वाले धरना प्रदर्शनों से क्या सरकार पर कोई असर पड़ता है। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने अपने सोशल मीडिया पोल में यह सवाल आम लोगों से पूछा था। इस पोल में यूजर्स को चार ऑप्शन दिये गये थे। हां, नहीं, थोड़ा बहुत और पता नहीं। सबसे ज्यादा 67 परसेंट यूजर्स ने माना के इन धरने प्रदर्शनों से सरकार की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता। 17 परसेंट ने हां में उत्तर दिया और इतने ही लोगों ने माना कि थोड़ा बहुत असर पड़ता है।