देहरादून (ब्यूरो): ये बात सच है कि देशभर के तमाम शहरों में भी पब्लिक टॉयलेट्स हमेशा मुद्दा रहा है। लेकिन, दून के लिए ये चुनौती से कम साबित नहीं हो रहा है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो दून शहर में सीमित संख्या में पब्लिक या फिर कम्युनिटी टॉयलेट्स मौजूद हैं। जिसकी परेशानियां लोगों को उठानी पड़ रही हैं। सबसे ज्यादा प्रॉब्लम महिलाएं फेस कर रही हैं। शहर में वर्तमान में जो पब्लिक टॉयलेट्स मौजूद हैं, करीब 15 लाख की आबादी से इसको देखा जाए तो 38461़ लोगों पर केवल एक टॉयलेट की उपलब्धता है। साफ है लाखों की आबादी वाले शहर में पर्याप्त संख्या में टॉयलेट्स ने होने के कारण सबसे ज्यादा दिक्कतें मार्केट, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में उठानी पड़ रही हैं।

घंटाघर के 200 मीटर में 1 टॉयलेट

शहर की धड़कन माने जाने वाले घंटाघर के आसपास फिलहाल वर्तमान में केवल एक पब्लिक टॉयलेट उपलब्ध है, जिसको स्मार्ट सिटी संचालित कर रहा है। वो है, डिस्पेंसरी रोड पर। हालांकि, इससे पहले घंटाघर, गांधी पार्क में भी टॉयलेट संचालित हो रहे थे। लेकिन, जीर्ण-शीर्ण होने के कारण उनका रिनोवेशन का काम चल रहा है। ये काम कई महीनों से चल रहा है। नतीजतन, पब्लिक इन टॉयलेट्स का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन, कब तक ये बनकर तैयार होंगे। स्पष्ट नहीं है। हालांकि, नगर निगम प्रशासन इनको तैयार होने के लिए एक महीने का समय दे रहा है।

सीपीआई-एम उठा चुका है मुद्दा

घंटाघर व आसपास के क्षेत्रों में टॉयलेट्स की दिक्कत को देखते हुए बीते 12 अक्टूबर 2023 को सीपीआई-एम के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के सामने इस मुद्दे का रखा। उस वक्त आरोप लगाए गए कि दिलाराम चौक से बिंदाल पुल, घंटाघर से सहारनपुर चौक तक कहीं भी टॉयलेट्स या फिर यूरीनल की कोई सुविधा लोगों को मुहैया नहीं हो पा रही है। जबकि, दून शहर पर्यटकों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

चार्ज लिए जाने के भी आरोप

सीपीआई-एम ने ये भी आरोप लगाए हैं कि कुछ पब्लिक टॉयलेट्स में लोगों से चार्ज भी लिए जा रहे हैं। चार्ज के तौर पर महिलाओं से 10 रुपए और पुरुषों से 5 रुपए वसूले जा रहे हैं। हालांकि, इस बारे में अपर नगर आयुक्त बीएस बुदियाल ने जानकारी होने से मना किया है।

स्मार्ट सिटी ने निगम को भेजा था पत्र

गत वर्ष 12 अक्टूबर 2023 को शिकायतकर्ता अनंतआकाश ने स्मार्ट सिटी को पत्र लिखा। जिसमें कहा गया था कि सिटी के दिलाराम चौक से बिंदाल पुल, घंटाघर से सहारनपुर चौक तक टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इस पत्र की प्रतिलिपि एमडीडीए व नगर निगम को भी भेजी गई। बदले में स्मार्ट सिटी ने पत्र का हवाला देते हुए उप नगर आयुक्त को 3 नवंबर 2023 को पत्र लिखा। बताया, पूरे शहर में दून स्मार्ट सिटी के 7 स्मार्ट टॉयलेट उपलब्ध हैं, जो वर्किंग में हैं। स्मार्ट ने नगर निगम से समस्या के समाधान करने का आग्रह किया।

टूटे टॉयलेट का जीर्णोद्धार जारी

घंटाघर व गांधी पार्क के बाहर मौजूद नगर निगम के दो पब्लिक टॉयलेट्स पर जीर्णोद्धार का काम पिछले कई महीनों से जारी है। बताया जा रहा है कि निगम ने इन टॉयलेट्स के जीर्णोद्धार का काम जिस फर्म को दिया। उसठेकेदार निर्धारित कार्य के एवज में ज्यादा काम पकड़ा दिया गया। जिस वजह से इन टॉयलेट्स के जीर्णोद्धार के काम में देरी हो रही है.जल्द पूरा होगा काम
बताया जा रहा है कि टॉयलेट्स की दिक्कत को देखते हुए वेडनसडे को अपर आयुक्त नगर निगम ने मौका का मुआयना किया। उसके बाद उन्होंने अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। खुद अपर नगर आयुक्त के मुताबिक सभी सेनेटरी इंस्पेक्टर्स को अपने-अपने एरियाज में कितनी टॉयलेट्स रनिंग में हैं, कहां पर जरूरत महसूस की जा रही है। जानकारी देने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

इन इलाकों में टॉयलेट्स की प्रॉब्लम

गांधी पार्क से राजपुर रोड तक
बिंदाल पुल से प्रेमनगर तक
धर्मपुर से आराघर तक
आराघर से क्रॉस मॉल तक
जोगीवाला चौक से हर्रावाला तक
जोगीवाला चौक से रायपुर तक
चूना भट्टा से लाडपुर तक

ये कर रहे टॉयलेट्स का संचालन

कुल टॉयलेट्स---39
दून स्मार्ट सिटी ---7
बॉयोफ्रेंडली प्रा.लि.--4
मनसा फैसिलिटी प्रा.लि.--13
सुलभ इंटरनेशनल--9
उरेडा ---2
कुल पब्लिक टायॅलेट्स - 35
कुल कम्युनिटी टायॅलेट्स - 4

टॉयलेट्स में मौजूद सीटें


मेल सीट्स--117
फीमेल सीट्स--73
यूरीनल्स --65

कम्युनिटी टायॅलेट में मौजूद सीटें


मेल सीट्स--7
फीमेल सीट्स--3
यूरीनल्स --4

जिस हिसाब से टॉयलेट्स के जीर्णोद्धार काम दिया गया था। उस हिसाब से काम होता तो कार्य समय पर पूरा हो जाता। लेकिन, बाद में काम ज्यादा बढ़ गया था। इसलिए इसमें देरी हो गई।
आसिम, ठेकेदार।

सभी सेनेटरी इंस्पेक्टर्स को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में टॉयलेट्स की स्थिति को स्पष्ट करें। ये भी डिटेल मांगी गई है कि कितने टॉयलेट रनिंग में हैं और कहां-कहां जरूरत महसूस की जा रही है।
बीर सिंह बुदियाल, अपर नगर आयुक्त

सिटी में लोगों को पब्लिक टायॅलेट की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसमें सबसे ज्यादा दिक्कतें महिलाओं को हो रही हैं। जबकि, दून पर्यटकों के लिहाज से भी खास है। इसका मैसेज पर्यटकों के बीच क्या जा रहा होगा। अंदाजा लगाया जा सकता है।
अनंत आकाश, सीपीआई-एम

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