देहरादून(ब्यूरो) : सीएम ने बजट संवाद के लिए एकत्रित सभी हितधारकों का वेलकम करते हुए कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2024-25 के लिए जल्द ही बजट पेश करने जा रही है। गत वर्ष की तर्ज पर इस वर्ष भी जनता से बजट के लिए महत्वपूर्ण सुझाव मांगे हैं। बजट निर्माण में जन सहभागिता महत्वपूर्ण होती है। बजट को जनता के सुझावों के आधार और जनभावनाओं के अनुरूप बनाया जाना जरूरी है। जनता की आकांक्षाओं और क्षमता को बेहतर ढंग से समझने के लिए जनसंवाद, बजट निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

आर्थिक स्थिति और भविष्य का दर्पण


सीएम ने कहा कि बजट प्रदेश की आर्थिक स्थिति और भविष्य का दर्पण है। बजट का केंद्रीय बिंदु उत्तराखंड का समग्र विकास है। कहा, प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक क्षेत्र के साथ ही वैकल्पिक ऊर्जा, पर्यटन व उद्योग के क्षेत्र में निवेश के लिए सकारात्मक माहौल बनाया है। दिसम्बर 2023 में आयोजित उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में 3.56 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए। वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हमने बजट को जनता का बजट बनाने पर काम किया है। जन सहभागिता से बजट तैयार हो इस पर निरंतर कार्य हो रहा है।

ये सुझाव आए सामने

-दून यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ। सुरेखा डंगवाल ने कहा कि हायर एजुकेशन के क्षेत्र में पीएचडी स्कॉलर स्टूडेंट्स के लिए रिसर्च की गुणवत्ता बढ़ाए जाने के क्रम बजट में प्रावधान होना चाहिए।
-पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो.राम शर्मा ने कहा कि हायर एजुकेशन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विवि को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में व्यवस्था हो।
-टिहरी जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण ने कहा कि पंचायत के विकास के लिए बजट में राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार पंचायतों हेतु वित्त अनुदान बढऩा चाहिए।
-महानिदेशक यू-कास्ट प्रो। दुर्गेश पंत ने कहा कि राज्य में नॉलेज कैपिटल और ह्यूमन कैपिटल पर निवेश किया जाना चाहिए।
-उद्योग जगत से जुड़े विपिन गुप्ता ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी व थ्री व्हीलर वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहन में परिवर्तित करने के लिए भी बजट में व्यवस्था हो।
-पंकज गुप्ता ने कहा कि स्थानीय संसाधनों से स्थानीय लोगों को ही रोजगार मिले। अलग से नीति आनी चाहिए।

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