देहरादून(ब्यूरो) जानकारी देते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि ये टूरिज्म डिपार्टमेंट की मोस्ट अवेटेड योजना है। जिससे हमारे राज्य के सुदुरवर्ती मंदिर, टूरिस्ट डेस्टीनेशन, अब रेल की कनेक्टिविटीज से जुड़ जाएंगे। कहा, यहां आने वाले टूरिस्ट, श्रद्धालु ट्रेन से अपने डेस्टीनेशन के बाद बस सर्विस के जरिये वहां तक पहुंचकर दर्शन व दीदार कर सकेंगे। कहा, मानसखंड माला के लिए ये काफी महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड टूरिज्म डिपार्टमेंट और इंडियन रेलवे के बीच जो एमओयू हुआ है। उसका लाभ टूरिस्ट को मिलेगा।

हेरिटेज से सजाई जाएगी ट्रेन
पर्यटन मंत्री के मुताबिक टूरिस्ट से आग्रह किया कि मानसखंड आइए और आदी कैलाश, ओम पर्वत जैसे डेस्टीनेशन के दर्शन कीजिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान उत्तराखंडी व्यंजन परोसे जाएंगे। टूरिज्म डिपार्टमेंट की ओर से ट्रेंड गाइड्स को भी इससे रोजगार का अवसर प्राप्त होंगे। इस ट्रेन को उत्तराखंड से जुड़े तमाम डेस्टीनेशंस, उत्तराखंडी व्यंजन, फेस्टिवल आदि के चित्रों से सजाया और संवारा जाएगा। कोलकाता से चलने वाली ये ट्रेन देशभर के तमाम शहरों से गुजरेगी और उत्तराखंड के इन डेस्टीनेशन के बारे में आम लोग करीब से जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।

5 करोड़ सालाना खर्च होगा
बताया गया है कि मानसखंड स्पेशल ट्रेन का जब संचालन होगा। करार के मुताबिक उसमें उत्तराखंड टूरिज्म डिपार्टमेंट का सालाना करीब पांच करोड़ रुपए खर्च होगा।

इन इलाकों के दर्शन कर पाएंगे टूरिस्ट
पूर्णागिरी, हॉट कालिका, पाताल भुवनेश्वर, मायावती, बालेश्वर, मानेश्वर, जागेश्वर, गोलू देवता-चितई, नंदादेवी, कसार देवी, कटारमल अल्मोड़ा, नानकमत्ता गुरूद्वारा खटीमा और नैना देवी नैनीताल ऐसे संभावित स्थल हैं। जिनका मानसखंड एक्सप्रेस ट्रेन के यात्री दर्शन कर पाएंगे।

स्थानीय व्यंजन परोसे जाएंगे
एक्सप्रेस से एक साथ करीब 500 यात्री सफर कर पाएंगे। ट्रेन के सभी यात्री डिब्बे सेकेंड एसी के होंगे। वहीं, ट्रेन में यात्रा के दौरान भोजन के भी इंतजाम होंगे। यात्रा के दौरान यात्रियों को उत्तराखंड के स्थानीय व्यंजन भी परोसे जाएंगे। यात्रा के दौरान होटल व्यवस्था, बसों से भ्रमण, गाइड आदि को टूअर पैकेज के रूप में आईआरसीटीसी रेल मंत्रालय द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा।

भविष्य में तमिलनाडु से होगी शुरुआत
उत्तराखंड टूरिज्म डिपार्टमेंट के मुताबिक देशभर के सैलानियों को उत्तराखंड के आधी जानकारी (अल्पज्ञात) वाले दर्शनीय स्थलों तक पहुंचाना उद्देश्य है। दावा है कि इस ट्रेन के संचालन से उत्तराखंड में पर्यटन विकास को एक नयी दिशा मिलेगी। भविष्य में तमिलनाडु से कार्तिक स्वामी मंदिर रुद्रप्रयाग, उड़ीसा से जगन्नाथ मंदिर उत्तरकाशी आदि के लिए भी यात्रा कार्यक्रम बनाए जाएंगे।

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