सेना के खुफिया विभाग ने दी जानकारी

सेना के खुफिया विभाग ने बताया कि पिछले दिनों किए गए विश्लेषण से पता चला है कि चीन के जासूस भारतीय सीमा से सटे गांवों में कई लोगों को अज्ञात नंबरों से फोन आ रहे हैं। कुछ मामलों में ग्रामीणों ने अनजाने में मूलभूत सूचनाएं दे भी दीं हैं। यह भी पता चला कि फोन केवल उन लोगों के पास ही आए है जो या तो सरपंच हैं या राज्य सरकार में नौकरी करते हैं। सैनिकों तथा आईटीबीपी अधिकारियों के बारे में जानकारी रखते हैं। सेना ने लोगों से फोन करने वाले के नाम, टेलीफोन नंबर, प्राप्तकर्ता के नाम एवं नंबर, फोन करेके मांगी गई सूचना और उनसे किए गए सवाल आदि निकटतम सैन्य इकाई को बताने को कहा है।

फोन करने वाले खुद को बताते हैं अधिकारी

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि फोन करने वाला खुद को कर्नल या स्थानीय अधिकारी बताते हुए इलाके में सेना की मौजूदगी और उसकी आवाजाही के समय के बारे में कई सवाल पूछते हैं। चांग ला और त्सांगटे गांव के बीच के डुरबुक गांव के सरपंच स्टानजिन को हाल ही में एक फोन आया। फोन करने वाले ने पूछा कि क्या सेना के साथ लंबित मुद्दे हल कर लिए गए हैं। डुरबुक गांव समुद्र तल से 13,500 फुट की ऊंचाई पर है। फोन के समय सेना के कैंप में बैठे सरपंच को शक हुआ और उसने फोन करने वाले से उसकी पहचान के बारे में पूछा तो उसने खुद को उपायुक्त कार्यालय से बताया।

गांव के सरपंच या सरकारी कर्मचारियों के पास ही आते हैं फोन

सरपंच ने स्थानीय उपायुक्त कार्यालय से इसका पता किया तो पता चला कि उस नंबर से किसी ने फोन किया। सेना की छानबीन में पता चला कि नंबर फर्जी था और कंप्यूटर से फोन किया गया था। सरपंच स्टानजिन ने बताया कि उन्हें पहले भी एक फोन आया था। फोन करने वाला सैनिकों की आवाजाही के बारे में पूछ रहा था। साथ ही यह जानना चाह रहा था कि क्या इलाके में सड़कें सेना की आवाजाही के लिए बनाई गई हैं। स्टानजिन ने कहा कि फोन करने वाले ने खुद को सेना मुख्यालय से बताया लेकिन उसके अटपटे सवालों से शक हुआ। इसके बाद स्टानजिन ने अपने साथ खड़े सैन्य अधिकारी को इसकी जानकारी दी।

सेना ने लोगों से की अपील ना दें अज्ञात व्यक्ति को सूचना

सेना राज्य प्रशासन की मदद से चीन-भारत सीमा के आसपास रह रहे लोगों को इस बारे में जागरूक कर रही है। लोगों को बताया जा रहा है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति को कोई सूचना नहीं दें। सेना ने पर्वतीय परिषद के निर्वाचित सदस्यों और पदाधिकारियों से चौकस रहने को कहा है क्योंकि इन लोगों के पास पाकिस्तान एवं चीन से सटी सीमा की निगरानी कर रही सेना एवं भारत तिब्बत सीमा पुलिस के बारे में जानकारी होती है।

चीनी सेना आयदिन करती रहती है भारतीय सीमा मै घुसपैठ

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी लद्दाख क्षेत्र में कई बार घुसपैठ भी कर चुकी है। इसको लेकर दोनों देशों के बीच आयदिन तनाव की स्थिति भी उत्पन्न होती रहती है। इस साल 8 मार्च को चीनी सेना लद्दाख के करीब पेंन्गोंग झील के पास करीब साढे़ पांच किलोमीटर अंदर तक घुस आई थी। भारत के विरोध जताने पर वह वापस लौटी। इसी इलाके में अप्रैल और जून 2015 में भी चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की थी।

Posted By: Prabha Punj Mishra

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