-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में मरीजों के स्वास्थ्य से किया जा रहा खिलवाड़

-आए दिन बढ़ रहे वायरल के मरीज स्वाइन फ्लू के भी भेजे जा रहे सैंपल

BAREILLY :

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में बच्चों के इलाज को लेकर बड़ी लापरवाही बरती जा रही है. बच्चा वार्ड में बेड खाली हैं और डॉक्टर्स एक बेड पर दो-दो बच्चे एडमिट किये हुए हैं. इस बात का खुलासा फ्राइडे को दैनिक जागरण आईनेक्स्ट के रियलिटी चेक में हुआ. सभी बच्चे वायरल बुखार से पीडि़त हैं. इंफेक्शन के चलते उनका बुखार ठीक नहीं हो रहा है. अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह तब है कि बरेली में स्वाइन फ्लू के 24 पेशेंट की पहचान हो चुकी है. डॉक्टर्स की मानें तो वायरल फीवर की थर्ड स्टेज ही स्वाइन फ्लू है. ऐसे में, एक ही बेड पर भर्ती बच्चों और उनके पेरेंट्स के उठने बैठने से बीमारी का खतरा बढ़ता ही जा रहा है.

एक हफ्ता से नहीं उतरा बुखार

हॉस्पिटल के बच्चा वार्ड में करीब एक हफ्ते से तीन बच्चों का इलाज करा रही भमोरा के चाढ़पुर निवासी शकुंतला पत्नी महेश ने बताया कि अभी तक बच्चों का बुखार नहीं उतरा है. उन्होंने बताया कि पति मजदूरी करते हैं. उनके रागिनी 9 वर्ष, कुलदीप 7 वर्ष और संदीप 4 वर्ष तीन बच्चे हैं. जिसमें से सबसे पहले कुलदीप को बुखार आया तो पहले गांव में इलाज कराया. फायदा नहीं होने पर हॉस्पिटल में एडमिट करा दिया. जिसके बाद तीनों बच्चों को बुखार आ गया अब करीब एक हफ्ता हो गया. तीनों बच्चे अभी हॉस्पिटल में ही भर्ती हैं. हॉस्पिटल में एक बेड पर दो बच्चों का इलाज किया जा रहा है.

बच्चा वार्ड में तीमारदार परेशान

मासूमों का इलाज कराने के लिए बच्चा वार्ड में परिजनों ने मासूम को तो किसी तरह एडमिट करा दिया है. लेकिन एक बेड पर दो मरीज होने के चलते मासूम के साथ में एक तीमारदार को भी ठीक से बेड पर जगह नहीं मिल पा रही है. हजियापुर निवासी नूर वी पत्नी शकील ने 7 वर्ष के बेटे आदिल को बुखार आने पर थर्सडे को एडमिट कराया तो उन्हें बड़ी बमनपुरी निवासी पूनम के बेटे राहुल 6 वर्ष के बेड पर शिफ्ट कर दिया गया. वहीं बच्चा वार्ड में ही इलाज करा रहे सरदार नगर निवासी रेशमी और छिपी टोला किला निवासी पिंकी ने बताया कि हॉस्पिटल में अव्यवस्थाओं की भरमार है.

स्वाइन फ्लू के भी बढ़ रहे मरीज

हॉस्पिटल से अब तक स्वाइन फ्लू से संदिग्ध मरीजों के 79 सैंपल टेस्ट के लिए भेजे जा चुके हैं, जिसमें से 24 में स्वाइन फ्लू की पुष्टि भी हो चुकी है. जिनका कई मरीज निजी हॉस्पिटल और कुछ मरीज डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में इलाज करा रहे हैं. वहीं इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि वायरल के मरीजों की संख्या में तो बढ़ोत्तरी हुई है इसके साथ स्वाइन फ्लू ने भी दस्तक दे दी है जिससे स्वाइन फ्लू के भी मरीज अचानक बढ़ गए है.

एक हफ्ते में आ रही रिपोर्ट

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल से स्वाइन फ्लू संदिग्ध मरीजों के जो सैंपल लखनऊ भेजे जा रहे है, उनकी रिपोर्ट आने में एक हफ्ता का समय लग रहा है. जिससे मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं डॉक्टरों का कहना है कि वायरल की तीन स्टेज होती है, जिसमें तीसरी स्टेज पर ही स्वाइन फ्लू के लक्षण होने पर मरीज का सैंपल लेकर एच1एन1 जांच के लिए लैब को भेजा जाता है.

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वायरल से पीडि़त मरीजों और स्वाइन फ्लू संदिग्ध मरीजों को अलग रखा जाता है.स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो जाने पर पेशेंट को अलग वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है, जिससे दूसरे पेशेंट्स स्वाइन फ्लू से संक्रमित न हों.

केएस गुप्ता, सीएमएस डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल

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