नई दिल्ली (एएनआई)। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम की एलजी केमिकल फैक्ट्री में गैस रिसाव में अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचाए जा चुके है। गैस लीक की इस घटना पर काबू पाने के लिए शासन से लेकर प्रशासन तक सब अलर्ट है। इस दाैरान इस घटना में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) जुटी है। एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने गुरुवार को कहा कि स्थानीय लोगों द्वारा गले और त्वचा में जलन और कुछ जहरीली गंध की सूचना के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। उन्होंने कहा, अब तक लगभग 1000-1500 लोगों को निकाला गया है। इन लोगों में से 800 से अधिक को अस्पताल ले जाया गया है।

सुबह करीब 5 बजे एनडीआरएफ को मिली सूचना

एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा घटना के बारे में स्थानीय लोगों को सुबह लगभग 2:30 बजे रिपोर्ट किया। यह गले में जलन और त्वचा की जलन और विषाक्त गंध के कारण था। इसके बाद उन्होंने स्थानीय प्रशासन को सूचित किया। प्रशासन के अधिकारी और फायर टेंडर लोकेशन पर पहुंच गए। विशाखापत्तनम की एनडीआरएफ इकाई को सुबह 5 बजे सूचित किया गया वे आधे घंटे में साइट पर पहुंच गए और बचाव अभियान शुरू कर दिया।

अभी लोगों का ध्यान निकासी और इलाज पर

एनडीआरएफ के महानिदेशक ने कहा, अभी लोगों का ध्यान निकासी और इलाज पर है। इससे तीन-चार गांव और 500 परिवार प्रभावित हुए हैं। घटना के पास के दो गांव ज्यादा प्रभावित हुए हैं। वहीं आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में गैस लीक होने की घटना पर मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी लगातार नजर रखे हैं। उन्होंने जिले के अधिकारियों को जीवन बचाने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया है।

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