एक्स से फ्रेंडशिप?
क्यों नहीं. आखिर वह आपकी च्वॉइसेज बेहतर जानता है और कमियां भी. हो सकता है वह आपको अपनी लाइफ के कुछ डिसीजंस के लिए गाइड कर सके. हालांकि साइकोएनालिस्ट सुमिता शेट्टी वॉर्न करती हैं, ‘इसके कई फायदे हैं, लेकिन अगर डिसीजन सोचा-समझा नहीं है तो ये एक और हार्टएक की वजह बन सकता है.’ सो बेहतर है कि कुछ सवाल पहले से एनालाइज कर लें.

Friendship with ex

Are you ready to be friends with your ex?
क्या आप सच में उसके साथ दोस्तों की तरह कम्फर्टेबल हैं या कहीं मन में डर छिपा है उनके पजेसिवनेस या आपके डिस्कम्फर्ट का? अगर इसमें एक परसेंट भी सच्चाई हो तो ये कदम ना उठाएं.

Is your ex fine with the ‘friends’ tag
ब्रेकअप बहुत आसान नहीं होता, इसलिए फेयर एनालिसिस करें कि आपका एक्स सिर्फ आपकी कम्पनी के लिए फ्रेंडशिप चाह रहा है या ये आपका मेच्योर डिसीजन है.

Is there any ‘expectation’ yet?
आपके एक्स को कैसा लगेगा कि आप किसी और को डेट कर रहे हैं? क्या वह आपके फ्रेंड्स के बारे में जानना चाहेगा? अगर आपको लगता है कि जवाब हां में है तो ये चीजें पहले ही क्लीयर कर लें. ऐसे में आगे कॉन्टैक्ट में रहने जैसा डिसीजन सोच-समझकर लिया जाए.

Are you worried about your ex’s reaction?
अगर आप उसे फ्रेंडशिप के लिए अप्रोच करना चाहते हैं और उसके रिएक्शन से डरते हैं तो कुछ कॉमन टूल्स जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स की हेल्प लें. बिना उसके इंटेंशन जाने पब्लिकली ऐसा कुछ ना सजेस्ट करें. अगर आपको थोड़ा भी लगता है कि वह इंट्रेस्टेड नहीं है तो चीजें वहीं छोड़ दें.

Are you willing to discuss your past?
भूलकर भी अपने पास्ट रिलेशनशिप के बारे में डिस्कस ना करें. उससे आपको बिहेवियर नॉर्मल और फ्रेंडली होना चाहिए. कैजुअल रहें. जो हो गया सो हो गया पुरानी बातों से आप दोनों को तकलीफ होगी, सो लेट इट बी.