यूपी बोर्ड परीक्षा में अबसेंट रहे शिक्षकों को नोटिस

डीआईओएस ने मांगा जवाब, क्यों नहीं दी ड्यूटी

Meerut . यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी से मुंह फेरने वालों की अब खैर नही है. विभाग ने ऐसे शिक्षकों को पर सख्ती करने का फैसला लिया है. शुक्रवार को डीआईओएस ने भी सभी केंद्र व्यवस्थापक को नोटिस जारी कर ऐसे शिक्षकों से जवाब मांगा है, जो एग्जाम ड्यूटी से गैरहाजिर रहे. बिना सूचना के गायब रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी है.

30 से मांगा जवाब

डीआईओएस के अनुसार बोर्ड परीक्षा में अब बिना सूचना के अबसेंट रहने वाले कक्ष निरीक्षकों को कतई नहीं बख्शा जाएगा. अभी तक फिलहाल मेरठ जिले के 30 शिक्षकों के संबंध में डीआईओएस ने नोटिस जारी कर लिखित जवाब मांगा है.

इंग्लिश पेपर में थी ड्यूटी

बता दें कि 14 फरवरी को सुबह की मीटिंग में हाईस्कूल की इंग्लिश की परीक्षा थी, लेकिन कक्ष निरीक्षक बिना किसी सूचना के परीक्षा ड्यूटी से गायब रहे.

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इन केंद्रों को भेजा नोटिस

1. सीएवी इंटर कॉलेज, मेरठ कैंट

2. कनोहर लाल इंटर कॉलेज, मेरठ

3. श्री 108 योगीराज स्वामी सरस्वती इंटर कॉलेज, रामपुर

4. राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, किठौर

5. जनता इंटर कॉलेज, कैथवाड़ी

6. नवभारत विद्यापीठ इंटर कॉलेज, परतापुर

7. सरदार पटेल इंटर कॉलेज, मेरठ

8. सेंट जोजफ इंटर कॉलेज, मेरठ

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सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश

कुछ ऐसे परीक्षा केंद्र भी हैं, जो संवेदनशील है, लेकिन वहां ऑडियो रिकॉर्डिग, सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे है. इन्हें भी निर्देश दिए हैं कि कैमरे लगवाएं.

- वंदना इंटर कॉलेज नारंगपुर मेरठ

- श्री 108 योगीराज स्वामी बालचंद्रानंद सरस्वती स्मारक इ. कॉलेज

- एसडी इंटर कॉलेज पिलौना

- राजेश पायलेट इंटर कॉलेज रानी नंगला मेरठ

- एनएस इंटर कॉलेज ललियाना

- एसके इंटरकॉलेज खरखौदा

- स्टार अलफला इंटर कॉलेज मऊखास मेरठ

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सवालों में उलझे स्टूडेंट्स

सुबह की मीटिंग में जहां हाईस्कूल में उर्दू का पेपर आसान रहा, वहीं मानव विज्ञान के घुमावदार सवालों ने स्टूडेंट्स को उलझा दिया. शाम की मीटिंग में हाईस्कूल में मानव विज्ञान का पेपर काफी आसान रहा, वहीं इंटर रसायन विज्ञान का पेपर बहुत ही टफ रहा. ऐसे में स्टूडेंट्स के चेहरों पर टेंशन दिख रही थी.

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गैरहाजिर शिक्षकों से जवाबदेही मांगी जा रही है, उचित जवाब न मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, वेतन तक रोक जा सकता है.

गिरजेश कुमार, डीआईओएस

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आज शुरू होंगी सीबीएसई परीक्षाएं

- फरवरी में सिर्फ वोकेशनल कोर्स के ही होंगे एग्जाम

मेरठ. सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं 16 फरवरी, शनिवार से शुरू हो रही है. हालांकि, फरवरी में सिर्फ वोकेशनल एग्जाम हैं. एग्जाम के लिए मेरठ शहर में 140 सेंटर्स बनाए गए हैं. पिछली बार की तुलना में सात सेंटर अधिक है.

स्टूडेंट्स की करें मदद

कोर्डिनेटर एचएम राउत ने बताया कि सभी सेंटरों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए है. एग्जाम में सभी नियमों को सेंटरों को मानना होगा, इसके साथ ही सेंटरों को बताया गया है किसी स्टूडेंट को दिक्कत आती है तो उसका भी समाधान करने में मदद करनी होगी.

- 25,603 परीक्षार्थी देंगे मेरठ में एग्जाम

-13,346 परीक्षार्थी मेरठ में हाईस्कूल के

-12,257 परीक्षार्थी मेरठ में इंटर के

- 140 सेंटर इस बार बनाए गए हैं मेरठ में

- 133 सेंटर मेरठ में बनाए गए थे पिछले साल

- 9:45 पर सेंटरों पर कैंडिडेट को पहुंचना होगा

-10 बजे के बाद किसी को परमिशन न दी जाए

- 10:30 बजे शुरु होगा एग्जाम

- 15 मिनट पहले स्टूडेंट्स कॉपी में कर सकेंगे एंट्री

- 10:30 बजे ही आंसर लिखना शुरु कर सकते हैं स्टूडेंट्स

स्टूडेंट्स रखें ध्यान

- कैंडिडेट फुल यूनिफार्म में परीक्षा देने पहुंचे

- मोबाइल फोन, पर्स, वॉलेट आदि अंदर न ले जाने दे.

- ब्लू बॉल पेन या जेल पैन का ही यूज कर सकते हैं

- एडमिट कार्ड व स्कूल आईडी दोनों लेकर पहुंचे

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ट्रिकी सवालों से परेशान रहे छात्र

- मेरठ के चार सेंटरों पर शुरू हुई आईसीएसई की परीक्षा

मेरठ. आईसीएसई की परीक्षा शुक्रवार को शुरू हो गईं. सेंट मेरीज, सोफिया, ऑल सेंट व सेंट थॉमस परीक्षा केंद्र बनाए गए. पहला पेपर अर्थशास्त्र का था. जिसमें देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े काफी सवाल पूछे गए. स्टूडेंट्स के अनुसार पेपर थोड़ा लंबा था, इसलिए लिखते -लिखते उनके हाथ थक गए. कुछ स्टूडेंट्स का कहना था कि परीक्षा में सवाल तो आसान थे लेकिन उनको घुमाकर पूछा गया था.

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ट्रिकी सवालों से परेशान रहे छात्र

- मेरठ के चार सेंटरों पर शुरू हुई आईसीएसई की परीक्षा

मेरठ. आईसीएसई की परीक्षा शुक्रवार को शुरू हो गईं. सेंट मेरीज, सोफिया, ऑल सेंट व सेंट थॉमस परीक्षा केंद्र बनाए गए. पहला पेपर अर्थशास्त्र का था. जिसमें देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े काफी सवाल पूछे गए. स्टूडेंट्स के अनुसार पेपर थोड़ा लंबा था, इसलिए लिखते -लिखते उनके हाथ थक गए. कुछ स्टूडेंट्स का कहना था कि परीक्षा में सवाल तो आसान थे लेकिन उनको घुमाकर पूछा गया था.