पहले परमाणु हमला नही

चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल यांग युचिन ने कहा, ‘चीन को अपनी सीमा के भीतर वैज्ञानिक परीक्षण करने का वैधानिक अधिकार है. परीक्षण किसी देश या विशेष को निशाना नहीं बना रहे हैं.’ गौरतलब है कि चीन ने हाल ही में एक लंबी दूरी की इंटरकॉंटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का परिक्षण किया है. इस मिसाइल की मारक क्षमता 12 हजार किलोमीटर है और यह अमेरिका के किसी भी हिस्से तक मार कर सकती है. बीजिंग में आयोजित प्रेस कॉंफ्रेंस में चीनी रक्षा मंत्रालय प्रवक्ता ने कहा है कि परमाणु हथियारों के प्रयोग को लेकर चीनी नीति में कोई फेरबदल नही आया है. उन्होंने कहा, ‘यह बताने की जरूरत है कि चीन स्व-रक्षा की परमाणु नीति का अनुसरण करता है. परमाणु हथियारों का पहले उपयोग नहीं करने की उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है.’

आईसीबीएम की नई पीढ़ी का विकास जारी

मिलिट्री अफेयर्स के जानकार सोंग जोनपिंग ने कहा कि इस बात में कोई शक नही कि चीन इंटर कॉंटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल की नई पीढ़ी पर रिसर्च कर रहा है. इसके साथ ही एक अन्य जानकार ने बताया कि चीन के पास DF-14 मिसाइलों की अवेलेबिलिटी अमेरिका सहित दुनिया भर के देशों में चीन की परमाणु शक्ति की एक नई छवि प्रस्तुत करेगी.

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