क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: रांची के अरगोड़ा से अपहृत दुकानदार उदय कुमार ठाकुर का एक माह बाद भी सुराग नहीं मिल पाया है. मामले में चार आरोपी सलाखों तक पहुंचा दिए गए हैं. वहीं, दो अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है. पुलिस ने संदेह के आधार पर गया के रेडलाइट इलाके की एक महिला को पलामू से हिरासत में लिया है, ताकि अपहृत युवक के बारे में कोई जानकारी मिल सके. मामले में उसके भाई श्याम देव ठाकुर ने अरगोड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. अपहरण का आरोप राजेश कुमार और छोटू पर लगाया गया था. यह भी बताया गया था कि उदय को गया के डोभी में रखा गया है.

पलामू की रहने वाली है महिला

महिला मूल रूप से पलामू की ही रहने वाली है. उक्त महिला से जपला में पूछताछ चल रही है. जिन दो फरार युवकों को पुलिस तलाश रही है, उनमें राजेश कुमार का उक्त महिला से संबंध है. उस महिला से राजेश के बारे में जानकारी लेने की कोशिश जारी है. अपहरण के आरोप में जिन चार युवकों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, उनमें चतरा के हंटरगंज निवासी मनीष व संजय सिंह, गया के चंदाडोभी निवासी मुन्ना कुमार उर्फ छोटू व चतरा का अमित शामिल हैं. जो फरार हैं, उनमें केदली हंटरगंज निवासी राजेश कुमार तथा श्यामसुंदर शामिल हैं. उदय कुमार ठाकुर फुटपाथ पर जूता-चप्पल की दुकान चलाता है. वह दुकान का सामान लेने के लिए ही करीब एक महीने पहले कोलकाता के लिए निकला था, लेकिन नहीं लौटा.

आरोपियों ने अपहरण की बात कबूली

पुलिस की पूछताछ में जेल जाने से पूर्व आरोपियों ने अपहरण की बात कबूल ली है. बताया कि उन्हें आशंका थी कि उदय के पास करीब एक से सवा लाख रुपए होंगे, जिसके लिए उनलोगों ने उदय को उठाया, लेकिन उसके पास केवल एक हजार रुपए ही मिले. उदय ने उन्हें बताया था कि उसने सामान खरीदने के एवज में ऑनलाइन भुगतान किया है.

दोस्त ने अपहरण की दी सूचना

उदय के भाई श्याम देव ठाकुर ने अरगोड़ा पुलिस को बताया था कि उनका भाई उदय अपने मित्र चतरा के हंटरगंज निवासी मनीष के साथ एक अक्टूबर को कोलकाता गया था. दो व तीन अक्टूबर को उदय का फोन नहीं लगा तो परिजन मनीष के नंबर पर बात किए. मनीष ने ही परिजनों को बताया कि वे लोग अभी कोलकाता में हैं और सामान खरीद रहे हैं. कुछ देर बाद मनीष का फोन भी बंद हो गया. इसके बाद मनीष रांची लौटा, लेकिन उसके साथ उदय नहीं था. पूछने पर मनीष ने ही बताया कि उदय का अपहरण हो गया है. उसे राजेश कुमार व छोटू ने अगवा किया है और डोभी में रखा है. फिरौती के लिए फोन आएगा. परिजन हंटरगंज भी पहुंचे, लेकिन उदय का पता नहीं चला. इसके बाद अरगोड़ा थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई.