क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: राजधानी में मानवता को शर्मसार करने वाली एक और वारदात सामने आई है. एक विवाहिता को ससुराल वालों ने पिछले छह महीने से एक कमरे में बंद करके रखा था. राज्य महिला आयोग की टीम को एक सप्ताह पहले सूचना मिल रही थी कि मोरहाबादी इलाके के रतन हाइट्स के समीप रहने वाले विनीत और उसके परिजनों ने मिलकर अपने ही घर की बहू को कैद कर लिया. उसे बासी खाना खाने के लिए कमरे में ही दिया जा रहा है.

दहेज के लिए किया परेशान

जब बुधवार को राज्य महिला आयोग की टीम वहां पहुंची तो इस घटना को सही पाया और उस विवाहिता को मुक्त कराया गया. राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा कल्याणी शरण ने कहा कि हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और सभी दोषियों को हम जल्द से जल्द सजा दिलाएंगे. विवाहिता के पति पर बार-बार दहेज के लिए परेशान करने का आरोप लगाया जा रहा है. विवाहिता की मानें तो मानसिक और शारीरिक रूप से उन्हें परेशान किया गया है, जिससे वो डिप्रेशन में चली गई है.

2018 में हुई थी शादी

मिली जानकारी के अनुसार महिला की शादी 2018 में हुई है और शादी के बाद ही उसे मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जा रहा था. युवती ने कहा कि उसे बार-बार बोला जाता था कि तुम मेरे बेटे लायक नहीं हो. मुझे तीन बार दिल्ली ले गए और वहां से वापस यहां ले आए. पीडि़ता ने बताया कि पिछले 6 महीने से एक ही रूम में रह रही है और उसे दो वक्त का खाना दिया जाता है.

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क्या कहती हैं महिला आयोग की अध्यक्षा

राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा कल्याणी शरण ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से हमारे पास शिकायत आ रही थी कि एक लड़की को बंधक बनाकर रखा गया है. ये परिवार बड़े ही सभ्य परिवार के हैं और लड़की भी पढ़ी लिखी है और स्कूल में पढ़ाती है. साथ ही महिला आयोग की अध्यक्षा ने कहा कि अभी स्थिति ये है कि 6 महीने से इस लड़की को बंधक बनाकर रखा जा रहा था. जब हम यहां अचानक पहुंचे तो हमें भी 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा. जब इसके रूम में गए तो इसका एक कपड़ा बाथरूम में भीगा पड़ा और खाना 24 घंटे में दो बार दिया जाता है और जरूरत का सामान भी नहीं दिया जाता है.