ममता के परिजनों ने पति प्रमोद पर लगाए संगीन आरोप

कहा, बार-बार करता था उत्पीड़न, हर बार माफी मांगकर कर लेता था राजीनामा

मारपीट में एक बार मामला थाने तक भी पहुंचा था

आगरा. थाना फतेहाबाद के गांव नगला गड़रिया में तीन मासूम बच्चों सहित मां की आत्महत्या ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. पूरा गांव घटना से हिला हुआ है. गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं. वहीं दूसरी ओर मृतका के परिजनों ने पूरी घटना पर सवाल खड़े कर दिए हैं. परिजनों की मानें तो शादी के बाद से ही प्रमोद ने ममता का उत्पीड़न करना शुरू कर दिया था. पैसे की मांग को लेकर मारपीट तक करता था. एक बार मामला थाने तक भी पहुंच गया था, लेकिन हर बार प्रमोद माफी मांगकर राजीनामा कर लेता था. परिजनों ने पूरे घटनाक्रम पर ही शक जताया है. उनका कहना है कि एक मां कैसे अपने बच्चों को फंदे पर लटका सकती है. ममता किसी भी सूरत में ऐसा काम नहीं कर सकती. हालांकि पुलिस की जांच जारी है. ससुर और पति मौके से फरार हैं.

शादी के लिए लगाया था जोर

ममता के भाई भोजराज ने बताया कि इनकी शादी 20 मई 2012 को हुई थी. परिवार पहले शादी को तैयार नहीं था. ममता की मां वादाम देवी बीमार हो गई थी. उस दौरान हॉस्पिटल में प्रमोद का पिता जंगजीत उन्हें देखने आया और शादी करने के लिए जोर देने लगा. उस दौरान कुछ रिश्तदारों ने भी दबाव दिया तो परिवार शादी को तैयार हो गया था.

बार-बार करता था मारपीट

भाई के मुताबिक शादी में जो बोलेरो दी, उसमें एसी न होने की बात बोल कर प्रमोद ताने दिया करता था. शादी के कुछ दिन बाद से ही उसने ममता के साथ मारपीट शुरू कर दी थी. शादी के एक साल बाद परिजन गाड़ी ले आए. बाद में प्रमोद ने आकर समझौता कर लिया. लेकिन इसके बाद भी वह नहीं माना और मारपीट जारी रखी. 2014 में ममता ने थाने पहुंच कर पति की शिकायत की. उस दौरान मायका पक्ष भी पहुंच गया. तब भी प्रमोद ने समझौता कर लिया.

भतीजी की शादी में नहीं आया

परिजनों ने बताया कि शादी के बाद प्रमोद बहुत कम ससुराल आया. वह नशे में रहता था. 13 दिसम्बर को भतीजी की शादी में ममता आई लेकिन प्रमोद नहीं आया. 16 दिसम्बर को वह लौट गई थी. इस घटना की जानकारी एक रिश्तेदार के माध्यम से हुई थी. परिजनों ने प्रमोद से इतना भी बोल दिया था कि कहीं और शादी करनी है तो कर ले लेकिन ममता को परेशान न करें. मायका पक्ष ममता को रखने को तैयार था. ममता परिवार की इकलौती लाडली बेटी थी.

घटना के पीछे बड़ा राज

परिजनों के मुताबिक प्रमोद ने ममता को पहली बार प्रताडि़त नहीं किया है. पहले भी कई बार वह मारपीट कर चुका है तो इस बार ही उसने ऐसा कदम क्यों उठाया. वह चाहती तो पहले भी ऐसा कर सकती थी. इसके अलावा उसकी सास और ननद कभी खेत पर नहीं गए तो घटना वाले दिन कैसे चले गए. परिजनों के मुताबिक रविवार की शाम जब गेट नहीं खुला तो सास और ननद पीछे रखी सीढ़ी से अंदर गए थे. परिजनों का कहना था कि जिस तरह सीढ़ी से अंदर गए वैसे ही बाहर भी तो आ सकते हैं. परिजनों का कहना है कि ममता इतना बड़ा कदम नहीं उठा सकती. इस घटना के पीछे बड़ा राज छिपा हुआ है.

पिता पर लगाए आरोप

मायका पक्ष ने प्रमोद और उसके पिता पर आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि पिता-पुत्र साथ में शराब पीते थे. पिता बेटे की अन्य शादी करवाने का ताना देता रहता था. वह दसों अंगुलियों में अंगूठी पहनता था और रायफल दिखा कर बात करता था. प्रमोद की तीन बहनों में से विनीता की मौत हो चुकी है. उसकी भी संदिग्ध मौत हुई थी. उसका पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया. बिना बताए ही उसका दाह संस्कार कर दिया गया.

बॉक्स

भगवान कभी माफ नहीं करेगा

मायका पक्ष का कहना है कि प्रमोद और उसके पिता के अंदर मानवता नहीं थी. वह सभी को परेशान करते थे. उनका आम व्यवहार भी खराब था. जिन बच्चों की मौत हुई है वह नाना के लाडले थे. पूरा परिवार ममता के साथ बच्चों की मौत पर ज्यादा दुखी था. जिन बच्चों को गोद में खिलाया, उनके शव देखने पड़ रहे हैं. परिजनों का कहना था कि प्रमोद और उसका पिता भले ही बच जाएं पर भगवान उन्हें कभी माफ नहीं करेगा.