- वर्ष 2016 की तुलना में 2018 में महिलाओं से छेड़खानी के मामलों में 3 गुना तक बढ़ोत्तरी

- जनवरी 2018 से 31 अक्टूबर 2018, 10 माह में 27 अकेले दून में दर्ज, पूरे प्रदेश में छेड़खानी 67 मामले दर्ज

देहरादून, महिलाओं से छेड़खानी के मामलों में साल दर साल इजाफा हो रहा है जो समाज पर एक कलंक तो है ही, पुलिस के लिए भी ये मामले चुनौती बने हुए हैं. पीएचक्यू से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो तस्वीर हैरान-परेशान करने वाली है. दून में पिछले दो वर्षो के भीतर महिलाओं से छेड़खानी के मामले तीन गुना हुए हैं, वहीं प्रदेश के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो ऐसे मामलों में दोगुना इजाफा हुआ है. जाहिर है दून महिला सुरक्षा के लिहाज से पहले से ज्यादा असुरक्षित हुआ है.

तीन गुना बढ़े मामले

2018- 27

2017- 14

2016-9

दून शहर महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से पहले से ज्यादा असुरक्षित हुआ है. आंकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे हैं. 2016 में महिलाओं से छेड़छाड़ के कुल 9 मामले सामने आए थे, 2018 में 27 मामले सामने आए.

प्रदेश में दोगुना इजाफा

2018- 67

2017- 29

2016- 31

प्रदेश भी महिला सुरक्षा के लिहाज से असुरक्षित है लेकिन, दून जितना नहीं. प्रदेशभर में इस वर्ष 10 माह के भीतर महिलाओं से छेड़छाड़ के 67 मामले पंजीकृत हुए, जबकि दो वर्ष पूर्व 2016 में 31 मामले सामने आये थे. साफ है कि दो वर्ष के अंतराल में इन मामलों में दोगुना इजाफा हुआ है.

दून सबसे ज्यादा असुरक्षित

कहां कितने मामले

देहरादून- 27

पिथौरागढ़- 12

टिहरी -10

महिला छेड़छाड़ के सबसे ज्यादा मामले इस वर्ष देहरादून में सामने आए. दून में 27 मामले दर्ज किए गए, जबकि दूसरे नंबर पर पिथौरागढ़, तीसरे नंबर पर टिहरी और चौथे नंबर पर 4-4 मामलों के साथ हरिद्वार और नैनीताल हैं.

छेड़छाड़ से आहत छात्रा ने कर लिया था सुसाइड

दून में छेड़छाड़ के एक ताजा मामले में पीडि़त छात्रा इतनी आहत हुई कि उसे मौत को गले लगाना पड़ा. एक युवक द्वारा छेड़छाड़ से तंग आकर बीए की छात्रा ने मंगलवार को सुसाइड कर लिया. उसने आत्मग्लानि का सुसाइड नोट भी छोड़ा. इस वारदात ने सबको सकते में डाल दिया.