- ऋषिकेश में हिमालयी राज्यों में सामाजाकि और आर्थिक रूपांतरण पर दो दिवसीय वर्कशॉप शुरू

ऋषिकेश,

हिमालयी राज्यों के सामाजिक-आर्थिक रूपांतरण को लेकर ऋषिकेश में वेडनसडे को शुरू हुई वर्कशॉप में मंथन हुआ. इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हिमालयी राज्यों के विकास के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति का होना सबसे ज्यादा जरूरी है. कहा कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 का रिमूवल और देश को राफेल मिलना राजनीतिक इच्छाशक्ति की बदौलत ही हो संभव हुआ है. ऋषिकेश परमार्थ निकेतन में आयोजित दो दिवसीय इस वर्कशॉप में उत्तराखंड सहित हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के रिप्रेजेंटेटिव पार्टिसिपेट कर रहे हैं.

हिमालय देता है होसला

वर्कशॉप के इनॉग्रल सेशन को संबोधित करते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हिमालयी राज्यों के सुदूर गांवों में रह रहे जनप्रतिनिधियों के कारण आज लोगों की सोच बदल रही है. गांवों में विकास का नया मॉडल स्थापित हो रहा है जिससे सामाजिक और आर्थिक परिवेश भी बदल रहा है. कहा कि इस वर्कशॉप के सकारात्मक परिणाम आएंगे. परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि हिमालय हमें केवल जीवन ही नहीं देता, बल्कि हिमालय जैसा जीवन जीने का हौसला भी देता है. हमें ऐसी सोच विकसित करनी होगी कि मेरा गांव मेरा गौरव और मेरा शहर मेरी शान बन सके.

ग्राम पंचायतों पर फोकस

भारत सरकार में पंचायती राज विभाग के अपर सचिव संजय सिंह ने बताया कि सबकी योजना सबका विकास प्रोग्राम के तहत ग्राम पंचायतों में आर्थिक व सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए 2 अक्टूबर से 30 दिसंबर तक देश के विभिन्न स्थानों पर वर्कशॉप आयोजित की जा रही हैं. वर्कशॉप में आए सुझाव नीति आयोग को भेजे जाएंगे. ये सुझाव हिमालयी राज्यों के लिए नीति बनाने में मदद देंगे.