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JAMSHEDPUR :
बाल श्रमिक निषेध कानून बनने के 33 साल बाद भी शहर से बाल मजदूरी खत्म नहीं हो सकी है. एक ओर सरकार शिक्षा के अधिकार के तहत 6 से 14 साल के बच्चों को फ्री शिक्षा की हिमायत कर रही है. वहीं दूसरी ओर 14 वर्ष तक बच्चे ठेले, होटल, रेस्टारेंट में काम कर अपना बचपन खो रहे हैं. शहर में बाल श्रम एक गंभीर समस्या बनती जा रही है. बाल श्रम निषेध कानून बनने के 33 साल बाद लौहनगरी में इस कानून का असर नहीं दिख रहा है. गरीबी और पेट की आग को शांत करने के लिए यह बाल मजदूर अपने बचपन को भूलकर काम पर लग जाते है, छोटी उम्र से काम का बोझ और नशे की लत में इनका जीवन तबाह हो रहा है.

विभाग में मैनपावर का टोटा

जिले में बाल श्रमिकों पर लगाम लगाने के लिए बने श्रम विभाग में कर्मचारियों का टोटा होने के चलते इस गंभीर समस्या की तरफ अफसरों का ध्यान नहीं है. जहां हर साल महज रिपोर्ट भरकर पीठ थपथपा ली जाती है. शहर में लंबे समय से श्रम विभाग की छापेमारी भी नहीं हुई है. 2015 में विभाग के ऑपरेशन मुस्कान और सरकारी आकड़े को मिला कर 2017 में 62 नियोजकों को पकड़ा गया था. जिनमें से महज 9 नियोक्ता पर केस हुआ था. बाल मजदूर मुक्ति सेवा संस्थान के मुख्य संयोजक सदन कुमार ठाकुर ने जब विगत 25 अगस्त 2014 सूचना के अधिकार के तहत डिस्ट्रिक लेबर सुपरिटेंडेंट से पूछा की जमशेदपुर में 2011 से लेकर 2014 तक कितने बाल मजदूर काम कर रहे है, नाम के साथ ब्यौरा उपलब्ध कराया जाये तो बाल श्रम विभाग के सुपरिटेडेंट ने कोई सूचना नहीं दी है.

कोर्ट के आदेश का पालन नहीं

दुर्भाग्य की बात है कि सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति और श्रम मंत्रालय भारत सरकर का लेटर आने के बाद भी कारवाई नहीं हुई, जिसके बाद बाल मजदूर मुक्ति सेवा संस्थान लगातर बाल मजदूरी रोकने का काम कर रहा है. संस्थान द्वारा जब पहला सर्वे 2013 में हुआ तो पुर्वी सिंहभूम जिले में बाल मजदूरों की संख्या 19348 थीं, 2015 से 2016 में यह संख्या घटकर 9586 रह गई, जबकि 2019 में यह 7835 ही बची हैं.

 

विभागीय आंकड़े चौंकानेवाले

थाना क्षेत्र बाल मजदूर

साकची 230

बिष्टुपुर 380

कदमा 240

सोनारी 260

बागबेड़ा 218

जुगसलाई 215

सुंदरनगर 194

परसुडीह 247

पोटका 280

बर्मामांइस 168

टेल्को 278

गोविंदपुर 175

सीतरामडेरा 309

बिरसानगर 187

मानगो 392

सिदगोड़ा 187

उलीडीह 138

एमजीएम 160

आजादनगर 600

बहरागोड़ा 502

घाटशिला 199

बोडाम 215

पटमदा 438

मुसाबनी 209

डुमरिया 280

श्यामसुदरपुर 53

गालूडीह 105

जादूगोड़ा 140

कमलपुर 96

धालभूमगढ़ 315

चाकुलिया 218

बड़शोल 94

कुल 7835

कहां कितने बाल मजदूर

होटल - 2340

गैरेज - 2138

रेजा- 1734

कुली- 830

घरेलू नौकर- 793

वर्जन

शहर में बाल श्रमिक को रोकने के लिए इंस्पेक्टर की टीम गठित की गई है, जिले में काम अधिक होने और कर्मचारी कम होने से लाभ नहीं मिल पा रहे है. जिले में बाल मजदूरी रोकने के लिए टीम गठित कर बाल मजदूरी रोगी जाएगी.

राकेश प्रसाद

उपायुक्त श्रम विभाग जमशेदपुर

Posted By: Kishor Kumar