नई दिल्ली (आईएएनएस)। Wrestlers Protest : रेसलर्स द्वारा याैन शोषण के आरोपों के खिलाफ जंतर मंतर पर किया जा रहा प्रदर्शन बड़ा रूप लेता जा रहा है। अब इसमें कई राज्यों की खाप पंचायतें व किसान संघ भी शामिल होने जा रहे हैं। कई खाप पंचायतों और प्रदर्शनकारी रेसलर्स ने रविवार को केंद्र सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम जारी कर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारी पहलवानों के समर्थन में हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की करीब 250 खापों के प्रतिनिधि सैकड़ों किसानों के साथ जंतर-मंतर पर जमा हुए। आखिर अब यहां यह जानना जरूरी है कि यह बृजभूषण शरण सिंह काैन है और खेल व राजनीति में इनका क्या रोल है।

कौन हैं बृजभूषण शरण सिंह?

बृज भूषण सिंह उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद यौन उत्पीड़न के आरोपों में इन दिनों चर्चा में हैं। बृज भूषण सिंह पिछले 12 वर्षों से भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष हैं। वह छह बार के सांसद हैं, जिन्होंने गोंडा, कैसरगंज और बलरामपुर निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया है। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश में कैसरगंज से सांसद हैं। गोंडा के रहने वाले बृज भूषण सिंह ने 1991 में पहली बार चुनाव लड़ा और लोकसभा के लिए चुने गए। 1991 के बाद, वह 1999, 2004, 2009, 2014 और 2019 में फिर से लोकसभा के लिए चुने गए। वह 2014 में भाजपा में शामिल हुए और 2014 और 2019 में पार्टी से सांसद चुने गए। 2009 के लोकसभा चुनावों में जब वे थोड़े समय के लिए समाजवादी पार्टी के साथ थे, तब उन्होंने कैसरगंज सीट जीती थी। भूषण बाबरी विध्वंस मामले के अभियुक्तों में से एक थे और बाद में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था। वह उन 40 नेताओं में से एक थे जिनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे, जिनमें पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी शामिल थे। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, उन पर दाऊद इब्राहिम के गुर्गे सुभाष ठाकुर और जयेंद्र ठाकुर और परेश देसाई को शरण देने के लिए टाडा के तहत आरोप लगाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें बरी कर दिया गया था।

क्यों विवादों में घिरे हैं भूषण?

भारतीय पहलवान विनेश फोगट ने आरोप लगाया है कि बृज भूषण सिंह कई वर्षों से महिला पहलवानों का यौन शोषण कर रहे हैं और यह भी दावा किया है कि लखनऊ में राष्ट्रीय शिविर में कई अन्य कोचों ने भी महिला पहलवानों का शोषण किया है। इस बीच, बजरंग पुनिया ने राष्ट्रपति भूषण को तानाशाह करार दिया और यह भी आरोप लगाया कि डब्ल्यूएफआई को मनमानी तरीके से चलाया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन करने वाले पहलवानों में साक्षी मलिक, सरिता मोर, संगीता फोगट, अंशु मलिक, सोनम मलिक, सत्यव्रत मलिक, जितेंद्र किन्हा, अमित धनखड़ और सुमित मलिक शामिल हैं। सभी भूषण के इस्तीफे की मांग की है।

आरोपों से किया इनकार

वहीं बृजभूषण अपने बचाव में सामने आए और कहा कि सभी आरोप झूठे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आरोप में कोई सच्चाई नहीं है। मैं क्यों इस्तीफा दूं? यहां तक कहा कि अगर एक भी महिला पहलवान यौन उत्पीड़न के आरोप को साबित करती है, तो मैं फांसी के लिए तैयार हूं। इसके (साजिश) के पीछे एक बड़ी कहानी है।