सीसीटीवी फुटेज में शूटर्स की गाड़ी में 'एक्स' दिखने पर मिली पुलिस को लीड

- गांजा तस्करी के धंधे में हिस्सेदार बनना चाहता था पूड़ी विक्रेता

- पकड़े जाने के डर से तस्कर ने दी थी 50 हजार की सुपारी

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LUCKNOW : कैंट कोतवाली के पास पूड़ी विक्रेता की हत्या गांजा तस्करी के वर्चस्व को लेकर की गई थी. पुलिस ने एक गांजा तस्कर और दो शूटर को गिरफ्तार कर लिया है. मृतक तस्करी के धंधे में हिस्सेदारी मांग रहा था. हिस्सेदारी न देने पर पुलिस से शिकायत कर पकड़वाने की धमकी दी थी. धंधा चौपट होने के डर में आरोपी ने हत्या की सुपारी दी थी. पुलिस को हत्यारों की लीड घटना के बाद सीसीटीवी में कैद उनकी बाइक में लिखे 'एक्स' से मिली. उस मॉडल की शहर में करीब 25 बाइक मालिकों की पड़ताल के बाद पुलिस शूटर्स तक पहुंच सकी.

गांजा तस्करी से कमाई करना चाहता था

एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक आरोपी सदर निवासी दिलीप कुमार कश्यप उर्फ डब्लू कई दिनों से इलाके में गांजा तस्करी का काम करता था. वह रेलवे लाइन व उसके आस पास लोगों को गांजा बेचता था. सदर बाजार निवासी दीपक उर्फ दीपू वर्मा कैंट कोतवाली के पास पूड़ी का स्टॉल लगाता था. गांजा तस्करी के धंधे में वह पिछले कुछ महीनों में कूदा था. वह शॉर्टकट से जल्दी रुपये कमाना चाहता था. दिलीप इलाके में पहले से सक्रिय था. उसके पास कस्टमर अधिक थे. दीपक की गांजे की सप्लाई में अधिक कमाई नहीं हो पा रही थी.

20 हजार रुपये की मांगी थी वसूली

पूड़ी विक्रेता दीपक ने दिलीप का धंधा अच्छा देख उससे गांजा तस्करी में पार्टनरशिप करने के लिए कहा. वह लगातार दबाव बनाने लगा. दिलीप ने उसे मना कर दिया था. इसके बाद दीपक ने उससे हर माह 20 हजार रुपये देने को कहा. दिलीप ने रुपये देने से मना कर दिया था. इस बात को लेकर दोनों के बीच तनाव चल रहा था. दोनों में गांजा तस्करी के वर्चस्व को लेकर कई बार नोक झोंकभी हो चुकी थी. कई बार दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे.

पुलिस में अच्छी पकड़ थी मृतक की

पूड़ी विक्रेता दीपक टिफिन सर्विस भी चलाता था. वह कैंट कोतवाली में पुलिसकर्मियों को भी टिफिन देता था. दीपक की पकड़ पुलिस में काफी अधिक थी. सूत्रों का कहना है कि पुलिस की मदद से ही वह इलाके में अपना पूड़ी स्टॉल धड़ल्ले से चला रहा था. पार्टनरशिप व हिस्सेदारी दोनों ऑफर ठुकराए जाने पर दीपक ने दिलीप को धमकी दी थी कि कैंट पुलिस से उसकी अच्छी सेटिंग है. वह कैंट पुलिस से शिकायत करके उसे पकड़वा देगा.

धंधा बर्बाद होने के डर से दी सुपारी

आरोपी दिलीप ने पुलिस को बताया कि उसे पता था कि हिस्सेदारी न देने पर दीपक उसे बर्बाद कर देगा. उसने अपने दो साथियों गोंडा के मनकापुर निवासी राजीव रंजन श्रीवास्तव उर्फ सक्षम उर्फ राजा और आर्दश कुमार उर्फ आकाश को अपने धंधे में शामिल करने का लालच दिया. साथ ही दोनों को 50 हजार रुपये की सुपारी देकर दीपक को रास्ते से हटाने के लिए कहा. सीओ कैंट संतोष कुमार सिंह के मुताबिक आरोपी दिलीप ने 6 साल पहले उन्नाव से पिस्टल और कारतूस खरीदे थे. उसने दोनों साथियों को पिस्टल उपलब्ध करा दी थी.

सीसीटीवी कैमरों में दिखी बाइक से मिला सुराग

एएसपी नॉर्थ सुकीर्ति माधव ने बताया कि घटनास्थल से लेकर 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई. घटनास्थल व उसके तीन किलोमीटर के दायरे में लगे सीसीटीवी में पुलिस को शूटरों की लाल बाइक दिखी. बाइक पर 'एक्स' बना हुआ था. पुलिस ने शहर में एक्स नाम की गाड़ी के मालिक की खोजबीन शुरू की. जिस पर दीपक के दोनों दोस्तों के बारे में पता चला. वहीं पुलिस ने आरोपियों की पहचान होने पर शांत बैठ गई. दिलीप ने दोनों शूटर राजीव और आदर्श को यह बात बता दी. उसने शूटरों से अपनी पिस्टल मंगाई और सुपारी के 50 हजार रुपये ले जाने के लिए कहा. पुलिस ने आरोपी दीपक संग दोनों शूटर को गिरफ्तार कर दिया. पुलिस ने घटना में यूज की गई बाइक, पिस्टल, तीन कारतूस, 50 हजार रुपये, व हेल्मेट बरामद कर लिया.