क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: सुपरस्पेशियिलिटी सदर हॉस्पिटल में प्रबंधन व्यवस्था सुधारने की कोशिश कर रहा है. लेकिन कभी स्टाफ्स तो कभी अधिकारियों की लापरवाही से व्यवस्था दुरुस्त करने में देरी हो रही है. अब खतरनाक चूहों ने लाखों रुपए की एक्सरे मशीन को बंद करा दिया है, जिससे कि सैकड़ों मरीज हर दिन निराश होकर लौट रहे हैं. एक महीने से मशीन ठप रहने के बावजूद प्रबंधन इसे चालू कराने को लेकर गंभीर नहीं है. लेकिन इसका खामियाजा इलाज के लिए आने वाले मरीज भुगत रहे हैं.

खर्च के बाद भी चूहों का आतंक

हॉस्पिटल में सफाई के अलावा चूहे और कीड़े-मकोड़े मारने के लिए भी पैसे खर्च किए जाते हैं. इसके बाद भी चूहों का आतंक हॉस्पिटल में जारी है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि चूहा मारने के नाम पर केवल आईवॉश किया जा रहा है. वहीं ये चूहें मौज उड़ा रहे है और महंगी मशीनों को नुकसान पहुंचा रहे है.

प्राइवेट सेंटर में चार गुना अधिक पैसे

सदर में सामान्य डिजिटल एक्सरे 150 रुपए में हो जाता है. इसी के लिए मरीजों को प्राइवेट रेडियोलॉजी सेंटरों में चार से पांच गुना तक अधिक पैसे चुकाने पड़ रहे हैं. यह व्यवस्था पिछले एक महीने से चली आ रही है.

वर्जन

मेंटेनेंस और रिपेयरिंग को लेकर प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है. इसमें थोड़ा टाइम लग जाता है. मशीन को दुरुस्त कराने के लिए एजेंसी को सूचना दे दी गई है. जल्द ही मशीन को मरीजों के लिए चालू कर दिया जाएगा.

डॉ. सव्यसाची मंडल, डीएस, सदर हॉस्पिटल