क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : शहर में तत्काल सेवा ऐसे लोगों के लिए शुरू की गई है जिनको नौकरी, एडमिशन या अन्य जगहों पर जाति, आय व आवास से जुड़े सर्टिफिकेट को तत्काल देने की जरूरत होती है लेकिन यहां तो रेला पहुंचने लगा है. जिनको नहीं भी जरूरत है उनकी भी बड़ी संख्या ये सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पहुंच रही है. तत्काल की सुविधा के अनुसार तीन दिन में ही सर्टिफिकेट बनवाने के लिए डेली 380 से 400 तक आवेदन दिये जा रहे हैं. ऐसे में जो जरूरतमंद लोग हैं जिनको वाकई जरूरत है. उन्हें ही समय से सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहा है. बता दें कि तत्काल सेवा के जरिये जरूरतमंद लोगों को दो-तीन दिन या अधिकतम एक सप्ताह के अंदर प्रमाण पत्र मिल जा रहा है जबकि नॉर्मल सर्टिफिकेट बनने में एक से डेढ़ महीने का समय लगता है.

जरूरतमंद को लग रहा है समय

सीओ कार्यालय द्वारा हर दिन करीब 400 आवेदन तत्काल के माध्यम से स्वीकार किया जा रहा है. जिन लोगों को तत्काल सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है वह भी किसी कॉलेज या संस्थान से कोई लेटर लगाकर तत्काल सर्टिफिकेट बनाने के लिए आवेदन कर रहे हैं. इसके कारण तत्काल प्रमाण पत्र लेने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है. आवेदन अधिक होने के कारण अब तत्काल सर्टिफिकेट बनाने में भी समय लग रहा है. प्रज्ञा केंद्र से होता है आवेदन तत्काल सर्टिफिकेट पाने के लिए प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से आवेदन भरे जाते हैं. इसमें आवेदक को यह बताना होगा कि उसे क्यों तत्काल सर्टिफिकेट चाहिए. उसके जवाब से संतुष्ट होने के बाद ही आवेदन को आगे बढ़ाया जाता है.

नॉर्मल में लगता है डेढ़ माह

अभी किसी सामान्य स्टूडेंट को जाति, आय या आवास से संबंधित सर्टिफिकेट सप्ताह भर में चाहिए, तो किसी भी हाल में उसे नहीं मिलेगा. कम से 20 दिन और अधिकतम 40 दिन भी लग रहे हैं. प्रज्ञा केंद्र में आवेदन देने के बाद उसे संबंधित अंचल कार्यालय में भेजा जाता है. वहां से कर्मचारी, अंचल निरीक्षक व अंचलाधिकारी के हस्ताक्षर के बाद सारे दस्तावेज एसडीओ कार्यालय के लॉगिन में भेजे जाते हैं. यहां भी उसे चेक किया जाता है, फिर एसडीओ द्वारा अधिकृत कार्यपालक दंडाधिकारी इसे अंतिम रूप से निर्गत करते हैं. इस प्रॉसेस में काफ समय लगता है, इससे बचने के लिए ही सामान्य लोग भी अब बड़ी संख्या में तत्काल सेवा का ही सहारा ले रहे हैं.

वर्जन

तत्काल सेवा के तहत जरूरी सर्टिफिकेट बनाने के लिए आवेदन अधिक आ रहे हैं, जो लोग इसके लिए सारे डॉक्यूमेंट जमा करते हैं, उनका तीन दिन में बनाया जा रहा है.

प्रकाश कुमार, सीओ, सदर रांची