लखनऊ (आईएएनएस) उत्तर प्रदेश में टीचर अनामिका शुक्ला केस में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 'अटेंडेंस बाय सेल्फी&यका आदेश दिया है, जहां कई शिक्षकों को एक नाम और एक दस्तावेज़ के तहत काम करते पाया गया है। महानिदेशक, बेसिक शिक्षा विजय किरण आनंद द्वारा सभी बेसिक शिक्षा आचार्यों (बीएसए) को जारी एक पत्र के अनुसार, अब सभी शिक्षकों को 'प्रेरणा' ऐप पर स्टाफ-शिक्षकों, वार्डन और अन्य की सेल्फी क्लिक करना और अपलोड करना अनिवार्य है। सभी बीएसए को निर्देश दिया जाता है कि वे अपने परिसरों में केजीबीवी द्वारा दी जा रही सुविधाओं की तस्वीरें भी सुनिश्चित करें।

राज्य भर के सरकारी शिक्षकों के दस्तावेजों की होगी जांच

वहीं टीचर अनामिका शुक्ला केस के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य भर के सरकारी शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच के लिए एक अभियान चलाने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी शिक्षक के फर्जी दस्तावेजों पर काम करने की सूचना मिली है तो कड़ी कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। अनामिका शुक्ला घोटाला में एक शिक्षक को 13 महीने के लिए 25 कस्तूरबा विद्यालय में काम करते हुए पाया गया और वेतन के रूप में उसे 1 करोड़ रुपये ले लिया। इसमें 'पात्र' उम्मीदवार के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

नौकरी के लिए प्रीति यादव के दस्तावेजों के इस्तेमाल हुआ

अनामिका शुक्ला केस में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बिजौली ब्लॉक में अनामिका शुक्ला के दस्तावेजों से नौकरी करने वाली बबली यादव अब पुलिस के हत्थे चढ़ी हैं। बबली का कहना है उसे अलीगढ़ में काउंसलिंग के समय आधार कार्ड सहित सभी फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए थे। बबली इस केस में अरेस्ट होने वाली तीसरी महिला है। अनामिका प्रकरण के बाद जौनपुर और आजमगढ़ के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में हॉस्टल वार्डन और पूर्णकालिक शिक्षक की नौकरी के लिए प्रीति यादव के दस्तावेजों के इस्तेमाल हुआ है।

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