-यूपीपीसीएस टॉपर्स ने शेयर किए सक्सेज सीक्रेट्स

-कहा, यूपीपीसीएस में हेल्पफुल साबित हुई यू ट्यूब की ऑनलाइन क्लासेस

prayagraj@inext.co.in

PRAYAGRAJ: समय के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं का ट्रेंड बदलता जा रहा है. वहीं इसकी तैयारी को लेकर भी काफी बदलाव आ गया है. अब जमाना सिर्फ किताबी ज्ञान का नहीं है. जरूरत है टेक्नोफ्रेंडली और टेक्नोसेवी होने की. आज के समय में सोशल नेटवर्किंग साइट्स भी कैंडिडेट्स की तैयारी में खूब हेल्पफुल हो रही हैं. अगर फोकस्ड होकर इन साइट्स का यूज किया जाए तो सक्सेज हासिल करना और आसान हो जाएगा. यह कहना है कि यूपीपीसीएस के उन टॉपर्स से जिन्होंने गुरुवार को घोषित रिजल्ट्स में अपनी मेधा का परचम लहराया है.

ऑनलाइन क्लासेस हैं हेल्पफुल

डिप्टी एसपी के पद पर सेलेक्ट हुई अल्लापुर की प्रज्ञा पाठक कहती हैं कि यू-ट्यूब चैनल्स यूपीपीसीएस की तैयारी में काफी यूजफुल साबित हुए हैं. प्रज्ञा ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीएससी व एमएससी करने के बाद 2014 में यूपीपीएससी की तैयारी शुरू कर दी. इस दौरान किताबों के साथ यू-ट्यूब चैनल्स पर मौजूद स्टडी मैटेरियल से उन्हें काफी फायदा हुआ. वह बताती हैं पीसीएस 2015 में उन्होंने प्री क्वालीफाई किया. इसके बाद पीसीएस 2016 में उन्हें पहली सफलता मिली और वह नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुई. टारगेट अचीव करने के लिए उन्होंने पीसीएस 2017 की तैयारी शुरू की और इस बार डिप्टी एसपी के पद पर चयनित हुई.

वेब सिरीज ने डिप्टी एसपी के लिए किया प्रेरित

प्रज्ञा पाठक बताती है कि शुरू में वह एसडीएम बनने के गोल को ध्यान में रखते हुए तैयारी कर रही थीं. इसी बीच लास्ट ईयर उन्होंने दिल्ली के निर्भया कांड पर बनी वेब सिरीज देखी. इस वेब सीरिज ने उनकी सोच बदल दी. उसके बाद से ही वह डिप्टी एसपी बनने के लिए तैयारी में जुट गई. उन्होंने बताया कि प्री निकालने और मेन्स के लिए काफी मैटेरियल यू-ट्यूब की ऑनलाइन क्लासेस पर मौजूद हैं. कई बार वह रात में सोते समय भी डिस्कशन वगैरह को सुनते हुए सो जाती थीं. इसका फायदा उनकी तैयारी पर पड़ा. यू-ट्यूब के अलावा उन्होंने राज्यसभा टीवी में होने वाली डिस्कशन को भी काफी सुना है. वह कहती हैं कि गवर्नमेंट चैनल होने के कारण उसमें तथ्यों की सही जानकारी मिलती है. खासतौर पर डेटा से जुटी डिटेल काफी हेल्पफुल होती है.

यू-ट्यूब और राज्यसभा टीवी ने की हेल्प

यूपीपीसीएस के टॉपर अमित शुक्ला भी यू-ट्यूब और राज्यसभा टीवी को अपनी सफलता का काफी श्रेय देते हैं. उनका कहना है कि ऑफिशियल चैनल होने के नाते राज्यसभा टीवी का डेटा भरोसेमंद होता है. इनका फायदा एग्जाम के साथ ही इंटरव्यू में भी होता है. कई बार बात होती है कि फर्जी मैटेरियल भी ऑनलाइन मौजूद है. अमित कहते हैं कि इसके लिए जरूरी है कि थोड़ा समय देकर तैयारी के लिए सभी तरह के यू-ट्यूब चैनल को देखें. इसमें टाइम लगता है, लेकिन इससे अपनी जरूरत के मुताबिक मैटेरियल की समझ डेवलप हो जाती है. जरूरी है कि यू-ट्यूब चैनल्स को फिल्टर करके तैयारी या प्रतियोगी परीक्षा के हिसाब से सेलेक्शन करें. अमित शुक्ला ने 2015 से तैयारी शुरू की. वह बताते है कि भोपाल से बीटेक करने के बाद पहले उन्होंने जॉब शुरू की. यू-ट्यूब चैनल को देखकर तैयारी करनी शुरू की. बाद में कोचिंग शुरू की. हालांकि पूरी तैयारी के दौरान यू ट्यूब चैनल हेल्प फुल साबित हुए.

सेल्फ स्टडी के दौरान प्रॉब्लम का यू-ट्यूब ने दिया सॉल्यूशन

डिप्टी एसपी के पद पर सेलेक्ट हुई गुंजन सिंह बताती हैं कि उन्होंने पीसीएस की तैयारी के लिए सबसे अधिक फोकस सेल्फ स्टडी पर किया. तैयारी के दौरान मॉडर्न हिस्ट्री, ज्योग्राफी, एन्वॉयर्नमेंट साइंस और इकोनामिक्स जैसे सब्जेक्ट्स की तैयारी में यू-ट्यूब ने मदद की. बुक्स से तैयारी करने के दौरान जो प्रॉब्लम आती थी. उनको समझने के लिए यू-ट्यूब पर मौजूद ऑनलाइन क्लासेस की हेल्प ली. इन क्लासेज में प्रॉब्लम को बहुत ही बारीक ढंग से सॉल्व कराया जाता है. अगर एक बार में कोई प्रॉब्लम समझ में नहीं आती है तो उस वीडियो को कई बार देखने और समझने का ऑप्शन रहता है. वह अपनी सफलता का सबसे अधिक श्रेय यू ट्यूब को देती हैं. उन्होंने बताया कि ये बात सही है कि यू-ट्यूब पर दिमाग को डिस्ट्रैक्ट करने के लिए बहुत मैटेरियल है. लेकिन अगर खुद के गोल को टारगेट करके उस तक पहुंचने के लिए तैयारी करें तो उसके लिए भी बहुत मैटेरियल आसानी से मिल जात है. उन्होंने भी इसी फार्मूेला को अपनाया. जिसका परिणाम उनके सामने है.

ऑनलाइन स्टडी मैटर का ऐसे करें सेलेक्शन

यूपीपीएससी टॉपर प्रतियोगियों ने बताया कि ऑनलाइन मैटेरियल का सलेक्शन करते समय बेहद सतर्क रहना चाहिए.

-सिर्फ उन्हीं यू-ट्यूब चैनल्स और वेबसाइट्स को सब्सक्राइब करें जो विश्वसनीय हों.

-आप किस स्ट्रीम से हैं और आप किस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं, इस बात का भी पूरा ख्याल रखें.

-यू-ट्यूब चैनल्स का फिल्टरेशन बहुत जरूरी है. ऐसा न होने पर कंफ्यूज होने का डर रहेगा.

-अपने सीनियर्स या ग्रुप में भी आप यह डिस्कस कर सकते हैं कि कौन-कौन से यू-ट्यूब चैनल्स पर तैयारी के लि बेटर कंटेंट है.