लखनऊ (ब्यूरो)।  हालांकि, हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। वहीं, मुरादाबाद में पांच, बिजनौर में दो नामजद व कानपुर में दो संदिग्धों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। गिरफ्त में आए आरोपियों से पूछताछ के लिये दो टीमों को गुजरात रवाना किया गया है। वहीं, फरार आरोपियों की तलाश में एसटीएफ, एटीएस व लोकल पुलिस की आठ टीमों को लगाया गया है।

सूरत में रची गई हत्या की साजिश

डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि यूपी पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी को डेवलप करते हुए गुजरात एटीएस ने सूरत से तीन आरोपियों मौलाना मोहसिन शेख (24), रशीद अहमद उर्फ खुर्शीद अहमद (23) और फैजान पठान (21) को अरेस्ट किया है। मौलाना मोहसिन साड़ी की दुकान में जबकि, फैजान जूते की दुकान में काम करता है। रशीद दर्जी का काम करता है। पूछताछ में तीनों ने हत्याकांड की साजिश रचने और हत्यारोपियों की मदद की बात कुबूल की है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2015 में कमलेश तिवारी द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर दिये गए आपत्तिजनक बयान को लेकर वे बेहद नाराज थे। कमलेश का वह वीडियो मौलाना मोहसिन शेख ने अपने मोबाइल फोन में सेव कर रखा था। उसी ने वीडियो दिखाकर फैजान, रशीद, मोइनुद्दीन पठान और अशफाक को कमलेश तिवारी की हत्या के लिये उकसाया। डीजीपी के मुताबिक, मौलाना मोहसिन ने कमलेश को 'वाजिबुल कत्ल' बताया था। जिसके बाद रशीद अहमद ने कमलेश की हत्या का पूरा प्लॉट तैयार किया था। मोइनुद्दीन पठान और अशफाक ने इस वारदात को अंजाम दिया।

मिठाई के डिब्बे से मिला सुराग

डीजीपी ने बताया कि हमलावर कमलेश तिवारी से मिलने के लिये मिठाई के डिब्बे में चाकू व पिस्टल रखकर लाए थे। यह डिब्बा सूरत की धरती स्वीट्स का था। डिब्बे पर 16 अक्टूबर की मुहर लगी थी। यह जानकारी गुजरात एटीएस से साझा की गई थी। जिसके बाद गुजरात एटीएस ने आनन-फानन धरती स्वीट्स की 16 अक्टूबर की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो उसमें मिठाई लेते हुए फैजान पठान दिखाई दिया। गुजरात एटीएस ने शक के आधार पर फैजान को कस्टडी में लेकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कुबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि वारदात की साजिश रशीद अहमद ने रची जबकि इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए मौलाना मोहसिन ने उकसाया था। हत्याकांड को अंजाम देने वाले मोइनुद्दीन और अशफाक ने ही फोन पर कमलेश तिवारी से संपर्क किया और किसी मुस्लिम लड़की को हिंदू लड़के से शादी कराने में मदद की मांग की थी। जिस पर कमलेश उससे मिलने को राजी हो गए। शुक्रवार को वे दोनों कमलेश के दफ्तर पहुंचे और उन्होंने बड़ी ही बेरहमी से उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

आतंकी संगठन से संबंध नहीं: डीजीपी

डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि अब तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उसके मुताबिक कमलेश तिवारी की हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने वाले आरोपियों का किसी आतंकी संगठन से संबंध सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्त में आए सभी आरोपी कट्टरवादी ग्रुप के सदस्य हैं, जिनका सरगना मौलाना मोहसिन है। वही इन सबको वीडियो दिखाकर बरगलाता था।

kamlesh tiwari murder case : 2 राज्य,5 शहर,23 घंटे में पर्दाफाश मिठाई के डिब्बे से मिला सुराग,इन लोगों ने दिया था अंजाम

दो टीमें गुजरात रवाना

गुजरात एटीएस द्वारा अरेस्ट किये गए तीनों आरोपियों से पूछताछ करने के लिये एसपी क्राइम दिनेश पुरी व सीओ हजरतगंज अभय मिश्रा के नेतृत्व में दो टीमों को अहमदाबाद भेजा गया है। उन्होंने बताया कि एसपी क्राइम की टीम रविवार को अहमदाबाद कोर्ट में अर्जी दाखिल कर आरोपियों की ट्रांजिट रिमांड पर लेकर लखनऊ लाएगी, जिसके बाद उन्हें पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कडि़यां जोड़ी जाएंगी।

नौ संदिग्धों से पूछताछ

डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि मृतक कमलेश तिवारी की पत्नी द्वारा नामजद किये गए बिजनौर के मौलाना अनवारुल फारूकी और मुफ्ती नईम काजमी को पुलिस ने कस्टडी में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा मुरादाबाद पुलिस ने गोरखपुर-देहरादून एक्सप्रेस से पांच साधूवेश धारी संदिग्धों को कस्टडी में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा कानपुर में भी दो संदिग्धों आरोपी रशीद अहमद के भाई व गौरव तिवारी नाम के शख्स को कस्टडी में लेकर पूछताछ की गई है। गौरव वही शख्स है, जिसने कमलेश तिवारी को फोन कर सूरत में उनकी संस्था संचालित करने की इच्छच् जताई थी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने रशीद अहमद के भाई के जरिए गौरव से संपर्क साधा और उसी के जरिये कमलेश से बातचीत शुरू की थी।

फैक्ट फाइल

- 23 घंटे में हुआ हत्याकांड का पर्दाफाश

- 09 संदिग्धों से प्रदेश में की गई पूछताछ

- 03 आरोपी गुजरात के सूरत से अरेस्ट

- 05 आरोपी थे पूरी घटना में शामिल

- 02 पुलिस टीमें अहमदाबाद रवाना

- 01 पुलिस टीम हत्यारोपियों की तलाश में गैरजनपद रवाना

- 07 पुलिस टीमें लखनऊ में कर रही हैं जांच  

इन्होंने रची साजिश

1.  मौलाना मोहसिन शेख (24)

- साड़ी की दुकान में सेल्समैन

2.  रशीद अहमद उर्फ खुर्शीद अहमद (23)

- दर्जी का काम

3.  फैजान पठान (21)

- जूते की दुकान में सेल्स मैन

 

इन्होने दिया वारदात को अंजाम

1.  मोइनुद्दीन पठान

2. अशफाक

lucknow@inext.co.in

Posted By: Kushal Mishra

National News inextlive from India News Desk