मुंबई (आईएएनएस)। अभिनेता पंकज त्रिपाठी का कहना है कि उन्होंने धोखेबाजों और शराबियों के साथ दिन बिताए हैं। यही वजह है कि इंसान अच्छाई की तरफ तभी भागता है, जब वह बहुत बुरा देख चुका हो। पंकज ने कहा, 'मैंने ठगों, चंडालों, लेकखों और विद्वानों को आस पास देखा है। बडे बडे शराबियों के साथ दिन गुजारें हैं और अन सबने मिलके बनाया है। वे लोग थे, जिन्होंने मुझे आज वह व्यक्ति बनाया है, जो मैं सबके सामने हूं।'

बुरा देखकर ही होता अच्छे का महत्व

पंकज, जिन्होंने "सेक्रेड गेम्स "," मिर्जापुर ", " बरेली की बर्फी "," गैंग्स ऑफ वासेपुर "और" लुका छुपी " जैसी कई फिल्मों और वेबसीरीज में काम किया है। अपने करियर के बारे में बात करते हुए पंकज ने कहा कि, वह अपने जीवन में हर सफलता को कैसे महत्व देते हैं। उन्होंने कहा, 'अच्छे का मूल्य तभी होता है जब हमने बुरे को देखा हो। पिछले दशक में सबसे बुरा और सबसे अच्छा समय देखा गया है, यही वजह है कि हर सफलता, हर खुशी का इतना महत्व है।'

पंकज ने याद किए पुराने दिन

लॉकडाउन के दौरान, पंकज ने महसूस किया "अगर बुरा हुआ है, तो यह निश्चित है कि कभी यह बेहतर होगा। मैं अभी भी अपने जेल के समय के बारे में सोचता हूं, जहां मैं सभी प्रकार के लोगों से घिरा हुआ था। हर अनुभव प्रकृति का तरीका है जो आपको खुद को बेहतर बनाने के लिए कहता है। हमें बस उस संकेत को देखना होता है।' वर्क फ्रंट की बात करें तो वह जान्हवी कपूर अभिनीत" गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल " में नजर आएंगे। यह फिल्म भारतीय वायु सैनिक के जीवन से प्रेरित है। गुंजन सक्सेना ने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान बड़ा पराक्रम दिखाया था। वैसे बता दें पंकज फिल्म निर्माता कबीर खान की "83" में भी दिखाई देंगे।

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari

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