-अफसरों में कोऑर्डिनेशन की कमी उजागर, एसीएम-3 ने दी थी परमीशन, एडीएम सिटी को पता नहीं

- आचार संहिता उल्लंघन में कैबिनेट मिनिस्टर को को दी गई थी नोटिस

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KANPUR : कैबिनट मिनिस्टर श्रीप्रकाश जायसवाल को आचार संहिता उल्लंघन का नोटिस जारी करना प्रशासनिक अफसरों को भारी पड़ गया है. शहर कांग्रेस कमेटी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट से परमीशन लेने के बाद ही जनसम्पर्क अभियान चलाया गया. इसके बाद भी प्रशासन ने नोटिस जारी कर दी. कमेटी ने परमीशन की एक कॉपी भी आई नेक्स्ट को उपलब्ध कराई.

एसीएम-फ् से मिली परमीशन

क्फ् मार्च को कैबिनट मिनिस्टर व कानपुर नगर लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्रीप्रकाश जायसवाल ने मूलगंज टेम्पो स्टैंड से लाटूश रोड, बासमंडी तिराहा, टुकनिया पुरवा एरिया में जनसम्पर्क किया था. इस संबंध में कार्यक्रम के आयोजक व शहर कांग्रेस कमेटी महेश दीक्षित ने एसीएम-फ् राकेश कुमार से क्ख् मार्च को परमीशन भी ले ली थी. फिर भी क्8 मार्च को एडीएम सिटी अविनाश सिंह के ऑफिस से कैबिनट मिनिस्टर को नोटिस जारी कर दी गई. इस मामले में एसीएम-फ् का कहना है कि उन्हें याद नहीं है, हो सकता है परमीशन जारी की गई हो, ऑफिस में फाइल देखने के बाद ही पुख्ता तौर पर कुछ बता पाउंगा.

अफसरों की भारी चूक

एमपी श्रीप्रकाश के पीए अरुण द्विवेदी ने इस पूरे प्रकरण पर प्रशासनिक अफसरों के बीच आपसी सामंजस्य की कमी करार दिया है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा न होता तो कैबिनट मिनिस्टर को नोटिस न भेजी जाती. क्योंकि आयोजनकर्ताओं ने आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए पहले ही परमीशन ले ली थी. नोटिस का जवाब ख्फ् मार्च तक प्रशासन को देना था. इसलिए जवाब में परमीशन लेटर की फोटोकॉपी एडीएम सिटी को भेज दी गई है.