प्रयागराज (ब्यूरो)यह सारी सच्चाई जब सामने आई जब दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट रिपोर्टर ने खुल्दाबाद स्थित नगर निगम के जोन ऑफिस में स्टिंग किया। इसके लिए रिपोर्टर ने अपने साथ एक और शख्स को लिया। नगर निगम जोन ऑफिस में रिपोर्टर ने इस शख्स को एक बच्ची का पिता बताया और उसके लिए बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने की बात की। यहां पर पूरी प्रक्रिया का हाल देखकर साफ समझ आ आया कि सेटिंग से कैसे सिस्टम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आलम यह है कि यहां पैसे के दम पर मुश्किल काम तो छोडि़ए, असंभव को भी संभव बनाया जा रहा है।

ऐसे हुई बातचीत

बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए रिपोर्टर बच्ची के पिता को लेकर गया। वहां पर नगर निगम कर्मचारी द्वारा उस अभिभावक से जो बातचीत की गई वह कुछ इस तरह से है।।।

पिता : भाई साहब, मुझे अपने बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बनवाना है। क्या करना होगा?

कर्मचारी : बच्चा कहां पैदा हुआ है?

पिता : प्रीतमनगर स्थित घर पर पैदा हुआ।

कर्मचारी : तो फिर मीरापट्टी वार्ड ऑफिस चले जाते। मीरापट्टी में 300 रुपये लेंगे, वहां बर्थ सर्टिफिकेट आराम से बन जाएगा। यहां संजू अभी है नहीं, नहीं तो यहीं से बनवा देता।

पिता : अब तो यहां आ गया हूं। यहीं बन जाए तो काम आसान हो जाए।

कर्मचारी : संजू से बात कर लीजिए, वह काम करा देगा।

पिता : बच्चे की एज अगर एक साल कम करानी हो तो क्या हो जाएगी?

कर्मचारी : आप जो लिख कर दे देंगे, वही हो जाएगा। बहुत परेशान होने की जरूरत नहीं है। एक हफ्ते के अंदर मिल जाएगा। बस संजू को कुछ खर्चा दे दीजिएगा।

पिता : कोई दिक्कत नहीं, हम एक हजार रुपये दे देंगे। हमें बच्ची का एडमिशन कराना है। इसलिए बर्थ सर्टिफिकेट जल्द से जल्द चाहिए।

फिर मिलाया संजू को फोन

इसके बाद कर्मचारी ने रिपोर्टर के सामने ही संजू नामके व्यक्ति को कॉल किया। दोनों के बीच कुछ इस तरह से बात हुई।

कर्मचारी : संजू... साहब बोल रहे हैं

संजू : हां बोलो भाई

कर्मचारी : ये प्रीतमनगर से भइया आए हैं। इनके बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बनवाना है। जो इच्छा हो पैसे ले लेना, लेकिन काम दो-चार दिन के अंदर ही करा देना।

संजू : नहीं हो पाएगा भाई, अर्जेंट दो दिन में नहीं हो पाएगा, जाना है बाहर।

कर्मचारी : अच्छा एक सप्ताह में बना दोगे?

संजू : नहीं भाई, दस-बारह दिन का समय हो तो लेई लेव या फिर किसी और से कराई लेव। हम एफिडेविट बनवाई के एसडीएम से आदेश कराई के दई देब। उसके बाद चढ़वा कर कम्प्यूटर में भेज देंगे।

इसके बाद कर्मचारी ने बच्ची के पिता को मोबाइल पकड़ा दिया।

पिता : हां भइया बताइए, क्या करना होगा?

संजू : ऐसा है कचहरी वाला काम हम आपको करा कर दे देंगे कल शाम तक। उसके बाद वार्ड में जाकर एंट्री कराकर बाबू से कहकर कम्प्यूटर पर लोड करा लीजिएगा। कौन से हॉस्पिटल में पैदा हुआ है बच्चा?

पिता : हॉस्पिटल नहीं भइया, घर पर पैदा हुई है।

संजू : डेट ऑफ बर्थ क्या है?

पिता : 20 मार्च, 2018, लेकिन इसे एक साल कम कराना है, 2017 ही दिखाना है।

संजू : अच्छा, तो घर वाले में तो जांच भी होगी, उसमें और टाइम लगेगा।

पिता : तब फिर, हॉस्पिटल वाला नॉर्मल सर्टिफिकेट है लेकिन उसमें डेट ऑफ बर्थ मार्च 2018 है। हमें इसे 2017 कराना है।

पिता : अगल-बगल हमारे रिश्तेदार हैं, हम गवाही करा देंगे। मैं क्या दूं आपको

संजू : आधार माता-पिता का, बच्चे का नाम, मोबाइल नंबर दे दीजिए?

पिता : कितना पैसा लगेगा?

कर्मचारी : 300 रुपये दे दीजिएगा।

prayagraj@inext.co.in

Posted By: Prayagraj Desk

Crime News inextlive from Crime News Desk

inext-banner
inext-banner