इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सिलीगुड़ी, दार्जलिंग पश्चिम बंगाल में दहेज उत्पीड़न के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के तहत उत्तर प्रदेश के निवासी के विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्यवाही पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से याचिका पर जवाब मांगा है. याचिका पर सुनवाई 3 मार्च को होगी.

यह आदेश जस्टिस मनोज मिश्र तथा विवेक वर्मा की खण्डपीठ ने कुन्दन किशोर की याचिका पर दिया है. सरकारी वकील ने प्रदेश से बाहर दूसरे प्रदेश में दर्ज प्राथमिकी के खिलाफ याचिका की पोषणीयता पर आपत्ति की किन्तु याची का कहना था कि दहेज उत्पीड़न के आरोप का सम्बन्ध उत्तर प्रदेश में है. ऐसे में वाद कारण उत्पन्न होने के कारण याचिका ग्राह्य है. कोर्ट ने मुद्दा विचारणीय माना और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर सरकार सहित विपक्षी से जवाब मांगा है. मालूम हो कि याची सैनिक का बड़ा भाई है. उसका कहना है कि पति पत्नी के बीच विवाद के चलते उसे दहेज उत्पीड़न के आरोप में फंसाया गया है. कोर्ट ने कहा है कि याची विवेचना में सहयोग करे.