मुकदमा वापस करने से डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के इन्कार को हाईकोर्ट में दी चुनौती

जवाहर पंडित हत्याकांड में जेल में बंद हैं पूर्व सांसद व पूर्व विधायकगण

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राज्य सरकार ने मुकदमा वापस लेने का फैसला लिया तो दूसरे पक्ष की बहस और एवीडेंस के बेस पर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी. मुकदमा समाप्त होने की आस से जेल से रिहा होने की राह देख रहे करवरिया ब्रदर्स को झटका लगा तो उन्होंने हाई कोर्ट की शरण ली है. उन्होंने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के डिसीजन को हाई कोर्ट में चैलेंज किया है. पहले से दाखिल एक अन्य याचिका को नए मुकदमे के साथ सुनवाई करने पर डिसीजन लेने के लिए फाइल चीफ जस्टिस को भेज दी गयी है.

सरकार की अर्जी खारिज करने की वैधता को चुनौती

हाई कोर्ट में दाखिल पुनरीक्षण याचिका में पूर्व विधायक जवाहर पंडित हत्या केस के आरोपी करवरिया ब्रदर्स ने मुकदमा वापस लेने की सरकार की अर्जी खारिज करने की वैधता को चुनौती दी है. कोर्ट ने जेल में बन्द उदयभान करवरिया को अपने केस में स्वयं बहस करने की अनुमति देने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया है कि इससे पहले भी वह वकीलों के मार्फत कई मुकदमे दाखिल कर चुके हैं. उनकी पत्नी विधायक हैं. उन्हें अपना पक्ष वकील के माध्यम से रखना चाहिए. यह आदेश जस्टिस रमेश सिन्हा ने राज्य सरकार की पुनरीक्षण याचिका पर दिया है. याचिका पर अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व एजीए प्रथम एके सण्ड ने पक्ष रखा. अधिवक्ता स्वाती अग्रवाल ने कोर्ट से करवरिया की तरफ से वकालतनामा दाखिल करने का समय मांगा.

दिनदहाड़े हुई थी तत्कालीन विधायक की हत्या

बता दें कि दिनदहाड़े जवाहर पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. इसके आरोपी पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया, पूर्व विधायक उदयभान करवरिया व सूर्यभान करवरिया व एक ड्राइवर जेल में बंद हैं. राज्य सरकार ने इनके खिलाफ मुकदमा वापस लेने की कोर्ट में अर्जी दाखिल की जिसे कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दी कि मुकदमे का ट्रायल लगभग पूरा होने वाला है. इस आदेश को राज्य सरकार व उदयभान ने अलग-अलग याचिका दाखिल कर चुनौती दी है. चीफ जस्टिस द्वारा नामित पीठ अब याचिकाओं की सुनवाई करेगी.