हाईकोर्ट ने कहा, दो महीने में नहीं कराया मैरिज रजिस्ट्रेशन तो वापस हो जाएगी सुरक्षा

विधायक राजेश को नोटिस, सुनवाई के बाद कोर्ट कैंपस में अजितेश के साथ हुई मारपीट

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PRAYAGRAJ: दोनों बालिग हैं. अपनी मर्जी से शादी की है. इनके दाम्पत्य जीवन में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए. यह कमेंट इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सोमवार को सुरक्षा को लेकर दाखिल बरेली के विधायक की बेटी और उसके पति की याचिका पर सुनवाई के दौरान किया. कोर्ट ने दोनों को सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश देते हुए दोनों को दो महीने के भीतर मैरिज रजिस्ट्रेशन करा लेने को कहा है. कोर्ट ने एड किया है कि मैरिज रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो सुरक्षा दो महीने बाद वापस हो जाएगी. केस की सुनवाई के बाद निकले अजितेश के साथ कोर्ट प्रिमाइस में ही मारपीट हुई.

विवाह का दस्तावेज साक्ष्य का विषय
|सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निर्देश दिया कि याची के परिवार के लोगों को कोई हानि नहीं पहुंचाने पाए. याचियों के विवाह की वैधानिकता का सवाल उठने पर कोर्ट ने कहा कि कोर्ट ने कहा कि दोनों बालिग हैं वह अपनी मर्जी से विवाह कर सकते हैं. दो बालिग लोगों के अंतरजातीय या अंतर धार्मिक विवाह की स्थिति में पुलिस प्रेमी युगल की सुरक्षा करे. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कई अन्य फैसलों का हवाला दिया और कहा कि शादी वैधानिक है या नहीं? यह याचिका का नहीं, साक्ष्य का विषय है. इसे किसी वैधानिक कार्यवाही में तय किया जा सकता है. कोर्ट ने याचीगण को दो माह के भीतर विवाह पंजीकरण कराने का आदेश दिया और कहा कि पंजीकरण न होने पर कोर्ट के संरक्षण का आदेश स्वत: समाप्त हो जाएगा. कोर्ट ने विधायक राजेश मिश्र उर्फ पप्पू भरतौल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा ने साक्षी मिश्रा व अजितेश की याचिका पर दिया है.

पुलिस साथ लेकर पहुंची हाई कोर्ट
नेशनल लेवल पर यह मामला उछलने के बाद रविवार को साक्षी और अजितेश को सुरक्षा मुहैया करा दी गयी थी. पुलिस की निगहबानी में ही दोनो सोमवार को हाई कोर्ट पहुंचे थे. उनकी एक झलक पाने के लिए पब्लिक हाई कोर्ट के गेट पर जमा थी तो मीडिया के लोग भी बात करने के लिए डेरा डाले हुए थे. दोनों ने किसी से बात नहीं की.

रजिस्ट्रार जनरल के चैंबर में बिताये तीन घंटे
कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई होने के बाद बाहर निकले अजितेश के साथ गलियारे में मारपीट की गयी. कुछ लोगों ने उनकी पिटाई कर दी. पिटाई करने वाले प्रकरण को मीडिया में उछालने से नाराज थे. मारपीट की सूचना से कोर्ट कैंपस हंगामा खड़ा हो गया. इसके बाद सुरक्षा में साथ आए पुलिस वाले युगल को लेकर दूसरे कोर्ट में चले गये. सूचना मिलने पर कोर्ट अफसर वहां पहुंचे. उन्होंने पुलिस बल बुलाकर दोनों को दूसरे रास्ते से रजिस्ट्रार जनरल के चैंबर तक पहुंचाया. यहां कड़े सुरक्षा घेरे में दोनों करीब तीन घंटे तक रहे. इसके बाद उन्हें एयरपोर्ट ले जाया गया.