ऐसी है जानकारी
उल्लेखनीय है कि गूगल मैप्स पर सेडिशन, फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन और पेट्रियोटिज़्म सरीखे शब्दों को सर्च करेंगे, तो भी जेएनयू का नक्शा ही दिखाई देता है। इनटॉलरेंस, कन्हैया कुमार और स्मृति ईरानी के नाम को भी सर्च करेंगे, तो भी ऐसा ही होगा। इसको लेकर अगर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के गूगल रिव्यूज़ को अगर पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि ये बीते हफ्ते से ऐसा हो रहा है।

गूगल के प्रवक्ता ने सफाई
इसको लेकर गूगल के प्रवक्ता का कहना है कि ये सब गड़बड़झाला एक बग की वजह से हुआ है। उन्होंने ये भी कहा कि गूगल मैप के परिणाम इंटरनेट पर कई जगहों से जानकारी लेने के बाद दिखाई देते हैं। न्यूज़ से जुड़ी वेबसाइट से भी इस बात की जानकारी ली जा सकती है। एंटी नेशनल, कन्हैया कुमार और जेएनयू इन दिनों इतने ज्यादा चर्चा में रहे कि वे सभी मैप्स के साथ जुड़ गए। गूगल की ओर से लगातार इस बग को सही करने की कोशिश की जा रही है।

बीते दिनों दिया था स्टार रिव्यू
बता दें कि यूनिवर्सिटी के घटनाक्रम पर मैप्स में यूजर्स ने बीते दिनों एक स्टार रिव्यू दिया। इसको लेकर एक यूजर ने लिखा कि यह शर्मनाक है कि ऐसी चर्चित यूनिवर्सिटी में राष्ट्र विरोधी लोग रहते हैं। अब जैसे ही लोगों को इस बात का पता चला कि गूगल मैप्स पर ऐंटी नेशनल को सर्च करने पर जेएनयू दिखाई दे रहा है, तो शुक्रवार को गूगल मैप भारत में ट्विटर पर भी ट्रेंड करने लगा।

रिसर्चर ने पाया ऐसा
इसके तहत एक रिसर्चर ने पाया कि भारत के आईपी एड्रेस पर ही ये बग देखने को मिल रहा है। भारत से बाहर ऐसा गूगल मैप पर नहीं दिखाई दे रहा है। सिर्फ यही नहीं गूगल मैप्स प्रैंक का भी शिकार हो चुका है। मई 2015 में गूगल ने अपने मैच मेकर फीचर को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया था। गूगल ने ऐसा इसलिए किया, क्योंकि एंड्रायड बॉट के ऐप्पल के लोगो पर किसी ने कुछ अभद्र व्यवहार करते दिखाया गया था।

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