शो का नाम : असुर

कलाकार : अरशद वारसी, बरुण सोबती, अनुप्रिया गोयनका, रिद्धि डोगरा, शारिब हाश्मी, अमेय वाघ, पवन चोपड़ा

पटकथा और संवाद : गौरव शुक्ला,विनय छावल, निरेन भट्ट

निर्देशक : ओनी सेन

वेब चैनल : वूट

रेटिंग : चार स्टार

क्या है कहानी

वाराणसी की कहानी है। पंडित का घर, उसका बेटा, कर्मकांड कराने वाला परिवार, ब्राह्मण परिवार, बच्चे का जन्म और जन्म लेते मां का देहान्त, पिता द्वारा उसे बार-बार कोसा जाना कि वही अपनी मा का हत्यारा है, मगर उसे गीता, रामायण, महाभारत और वैसे अनेकों पुराण कंठस्थ हैं। पिता की नजर उसे पापी ही मानती है और हमेशा धिक्कार की नजर से ही देखती है, पिता का यही धिक्कार बच्चे की जिन्दगी में क्या टर्न लेता है, यहां से कहानी शुरू होते हुए महानगर की दुनिया में पहुंचती है। फोरेंसिक टीम का प्रमुख धनंजय ( अरशद वारसी), जिसे अपने काम के दौरान ही एक ऐसी हकीकत का सामना करना पड़ता है। इस कड़ी में निखिल ( बरुन ) और अन्य किरदार जुड़ते जाते हैं। एक मर्डर होता है, लेकिन वह सामान्य मर्डर नहीं है। हर किरदार की अपनी कहानी है, शक कहीं पर भी जाता है। दिलचस्प है कि कहानी के अगले सीजन के लिए बिल्कुल हाई पॉइंट पर छोड़ा गया है, लेकिन यह मेकर्स के लिए चुनौती भी होगी, चूंकि पहले सीजन में उन्होंने अव्वल दर्जे का काम किया है तो अगले सीजन में भी वहीं थ्रिल बरकरार रहने चाहिए।

समीक्षा

सुनते हुए आपको यह कहानी सामान्य मर्डर मिस्ट्री लग सकती है, लेकिन शो के क्रिएटर्स ने हर एपिसोड में इसे थ्रिल के ऐसे हाई पिक पॉइंट क्रियेट किए है, जो आपको आगे के एपिसोड एक बार देखने पर मजबूर करेंगे। सुर-असुर विष्णु पुराण, कल्कि का अवतार और बहुत कुछ कहानी का तगड़ा रिसर्च दर्शाता है। यह अपने तरह का अनोखा थ्रिलर है, जिसे गाढ़े रिसर्च और गहरी राइटिंग और लॉजिक के साथ फिक्शन के सॉस के साथ बेहद खूबसूरती और इत्मिनान से परोसा गया है। शो में पौराणिक कथाओं और किरदारों के इतने बेहतरीन और सटीक रेफरेंस लिए गये हैं कि यह शो देखते हुए आप एक अलग ही दुनिया में जाते हैं। एक साथ गीता, रामायण,महाभारत का काम्बो और साथ में अनेकों रेफरेंस के साथ वर्तमान दौर में यह भारत के ओरिजनल वेब सीरिज में शीर्ष पर माना जा सकता है।

क्या है अच्छा

गौरव शुक्ला और उनकी टीम बधाई की पात्र है, उन्होंने शो में एक से एक बेहतरीन वह याद रह जाने वाले संवाद दिए हैं। असुर वर्तमान दौर में स्क्रिप्ट लेखन में रूचि रखने वालों के लिए एक ठोस संदर्भ हो सकता है, इसे देख कर यह सीखा जा सकता है कि कंटेंट ही क्यों किंग हैं और ऐसे शो बनाते हुए आपको कितना गहन अध्ययन करने की जरूरत होती है। ओनी सेन और सात्यक भट्टाचार्य के निर्देशन और सिनेमेटोग्राफी किसी विदेशी वेब प्लैत्फोर्म के कंटेंट को मात देती है। असुर में आपको एक अलग ही बनारस दिखेगा। इस शो में कलाकारों से अधिक तारीफ शो के क्रिएटर्स की होनी चाहिए।

क्या है बुरा

कहीं-कहीं दृश्य predectable हुए हैं। मगर बेहद कम दृश्यों में।

अदाकारी : अरशद वारसी गोलमाल सिंड्रोम से पूरी तरह बाहर आये हैं। जोली एल एल बी के बाद अब जाकर लम्बे समय के बाद उनके अभिनय में निखार नजर आ रहा है। शारिब लगातार अपने काम को समझ रहे हैं और हर शो में वह नए रूप में सामने आ रहे हैं। रिद्धि ने एक अच्छा कमबैक किया है। बरुन सोबती ने भी शानदार अभिनय किया है।

वर्डिक्ट : वर्तमान दौर में वेब दुनिया में भारत से अबतक का बेहतरीन प्रोडक्ट। स्लीपर हिट बनेगा यह शो, बिना अधिक प्रोमोशन के शो लोकप्रियता बंटोर ही रहा है। विदेशी वेब शो को अच्छी टक्कर।

Posted By: Molly Seth

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