prayagraj@inext.co.in
PRAYAGRAJ: इलाहाबाद बैंक के बांका जलालपुर ब्रांच में तैनात सीनियर मैनेजर अनिल कुमार दोहरे की हत्या के पीछे लूट नहीं रंजिश है. छानबीन में जुटी पुलिस को कुछ इसी तरह के संकेत मिले हैं. पुलिस ने कातिलों तक पहुंचने का रास्ता भी तलाश लिया है. पुलिस की नजर चार ऐसे युवकों पर पड़ चुकी है जो घटना को अंजाम दे सकते हैं. इन चार में से उन तीन युवकों की पहचान शेष है जिन्होंने हमला कर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था. पुलिस ने पांच लोगों को उठाया है.

तार से तार जोड़ने में जुटी पुलिस
मूल रूप से बर्रा कानपुर निवासी अनिल कालिंदीपुरम में रह रहे थे. शुक्रवार को बैंक जाते समय गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गयी थी. शुरुआती जांच में संकेत मिला कि हत्या लूट के इरादे से की गयी है. जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह काम पुलिस को गुमराह करने के लिए किया गया था.

देख लेने की मिली थी धमकी
सूत्रों के अनुसार मऊआइमा एरिया के एक शख्स ने लोन के लिए अप्लाई किया था. किन्हीं कारणों से उसे लोन नहीं मिल पा रहा था. इससे नाराज लोन के लिए अप्लाई करने वाले व्यक्ति की पिछले माह अनिल दोहरे की हॉट-टॉक हो गई थी. उसने मैनेजर को देख लेने की धमकी दी थी. वक्त बीतने के साथ अनिल इस धमकी को भूल चुके थे. थाने के एक दरोगा की मानें तो मर्डर की तफ्तीश में यह तथ्य पुष्ट हो चुका है.

चेहरे की पहचान में जुटी पुलिस
छानबीन में पुलिस को पता चला है कि हत्यारे क्षेत्रीय नहीं हैं. जिन चार सस्पेक्ट युवकों को पुलिस ने चिन्हित किया है वह प्रतापगढ़ के मान्धाता एरिया के हैं. पुलिस का मानना है कि इन्हीं में तीन कातिल हो सकते हैं. इन तीनों के चेहरे की पहचान के लिए पांच युवक उठाए गए हैं.

हत्या का कारण व कातिलों की छानबीन की जा रही है. अभी तक जो कारण व चेहरे सामने आए हैं, उनकी पुष्टि किया जाना शेष है. यह तय है कि तीनों हमलावर लोकल के नहीं हैं. जल्द ही कातिल पकड़ लिए जाएंगे.
-नरेन्द्र कुमार सिंह, एसपी गंगापार