-आयुष्मान योजना से इंपैनल्ड 14 प्राइवेट हॉस्पिटल में नहीं हो रहा इलाज

-आयुष्मान टीम की जांच में प्राइवेट हॉस्पिटल की खुली पोल

GORAKHPUR: आयुष्मान भारत योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा गरीबों को पांच लाख तक का फ्री इलाज मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य अमला जुटा हुआ है. वहीं हेल्थ डिपार्टमेंट की जांच में आयुष्मान योजना से जुड़े 14 प्राइवेट हॉस्पिटल फीसड्डी भी साबित हुए हैं. योजना शुरू होने के चार महीने बाद जो डाटा आया है. वह बेहद चौकाने वाला है. आंकड़ों के मुताबिक गोरखपुर जिले में सरकारी व प्राइवेट हॉस्पिटल जो इंपैनल्ड हैं उनकी संख्या 64 हैं. इसमें से 14 ऐसे प्राइवेट हॉस्पिटल हैं जहां एक भी आयुष्मान लाभार्थी का इलाज नहीं किया गया है. बीते दिनों आयुष्मान टीम की जांच में इस बात का खुलासा हुआ. इसे लेकर हेल्थ विभाग काफी सख्त है. उन्होंने इन अस्पतालों से रिपोर्ट मांगी है.

23 सितंबर को लांच हुई योजना

बीते साल 23 सितंबर को आयुष्मान भारत योजना लांच की गई थी. पांच लाख रुपए तक के मेडिकल इंश्योरेंस वाली इस स्कीम में दो लाख 99 हजार लाभार्थियों का चयन किया गया है. गोरखपुर में प्राइवेट हॉस्पिटल को इस योजना से जोड़ने के लिए डीएम और स्वास्थ्य विभाग ने पहल की. जिसके बाद कुल 64 सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल इससे जुड़े. इसमें 11 सरकारी और 53 प्राइवेट हॉस्पिटल हैं. आलम यह है कि शहर में 39 प्राइवेट हॉस्पिटल लाभार्थियों को योजना का लाभ दे रहे हैं. वहीं 14 ऐसे प्राइवेट हॉस्पिटल हैं जो योजना से इंपैनल्ड होने के बाद एक भी लाभार्थी को लाभ नहीं दिए हैं. ये योजना की धज्जियां उड़ाने में लगे हुए हैं. उधर स्वास्थ्य महकमा सब जानकर भी अंजान बना है. बताते चलें कि एक दिन पूर्व आयुष्मान की टीम कैंपियरगंज के शिवज्योति हॉस्पिटल की जांच करने पहुंची. इस दौरान ये खुलासा हुआ कि हॉस्पिटल में एक भी लाभार्थी को आयुष्मान का लाभ नहीं मिला है. जिसके बाद टीम ने हॉस्पिटल की पत्रावली की जांच करने के बाद उन्हें सीएमओ कार्यालय में तलब किया. यह एक ही मामला नहीं है. ऐसे तमाम मामले सामने आए हैं जहां प्राइवेट हॉस्पिटल मरीजों का इलाज नहीं कर रहे हैं.

यहां नहीं हुआ इलाज

-रियाज हॉस्पिटल

-जेपी हॉस्पिटल

-मृत्युंजय हॉस्पिटल

-शिवाय मल्टी स्पेशलिस्ट

-मल्ल मैटरनिटी हॉस्पिटल

-शिवज्योति हॉस्पिटल

-विनायक हॉस्पिटल

-लाइफ केयर हॉस्पिटल

-नारायण हॉस्पिटल

-दिव्यमान हॉस्पिटल

-रामरती हॉस्पिटल

-त्रिमूर्ति हॉस्पिटल

-न्यू उदय हॉस्पिटल

इतने सरकारी व प्राइवेट हॉस्पिटल में हो रहा मरीजों का इलाज --50

-इंपैनल्ड प्राइवेट हॉस्पिटल जिन्होंने अभी तक एक भी मरीजों का नहीं किया इलाज- 14

-प्राइवेट हॉस्पिटल --53

-सरकारी हॉस्पिटल-11

-आयुष्मान योजना के लाभार्थी--2.99

-लाभार्थियों का हुआ इलाज--1300

-सरकारी हॉस्पिटल में इलाज- 300

-जारी गोल्डेन कार्ड की संख्या--35000

वर्जन

इन प्राइवेट हॉस्पिटल के संचालकों को बार-बार अवगत कराया जाता है. इसके अलावा उनके साथ मीटिंग भी की जाती है. उन्हें निर्देशित भी किया जाता है कि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इस योजना का लाभ पहुंचाएं. उम्मीद है कि जल्द ही लाभार्थियों को इन हॉस्पिटलों में योजना का लाभ मिलेगा.

डॉ. एनके पांडेय, एसीएमओ व प्रभारी आयुष्मान भारत योजना