जयपुर (पीटीआई)। भाजपा की राजस्थान इकाई द्वारा बीते शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास मत के दौरान अनुपस्थित रहे चार विधायकों को अपना स्पष्टीकरण देने के लिए जयपुर बुलाया गया। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पार्टी के विधायकों को सत्र के दौरान मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया गया था लेकिन सदन स्थगित होने के बाद चारों ने विधानसभा छोड़ दी थी। सदन दोपहर 1 बजे फिर से शुरू हुआ, लेकिन विधायक गोपी चंद मीणा, कैलाश मीणा, हरेंद्र निनामा और गोतम मीणा अनुपस्थित थे। अशोक गहलोत सरकार ने शुक्रवार को विश्वास प्रस्ताव पारित किया था।

भाजपा के 73 में से केवल 68 वोट पड़ते

यदि भाजपा ने अशोक गहलोत सरकार ने विश्वास प्रस्ताव प्रस्ताव पर विभाजन की मांग की होती, तो भाजपा के 73 में से केवल 68 वोट पड़ते और पार्टी को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता था। मैंने विधायकों से बात की है और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी उनसे बात करेंगे। भाजपा ने गुलाब चंद कटारिया ने संवाददाताओं से कहा, हम अपनी प्रतिक्रिया के साथ उनकी प्रतिक्रिया को मेल कराएंगे और उचित कार्रवाई की जाएगी।

विश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित

बता दें कि बीते गुरुवार को गुलाब चंद कटारिया ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी विशेष विधानसभा सत्र में राज्य में अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। हालांकि जैसे ही कांग्रेस ने शुक्रवार को विश्वास प्रस्ताव पारित किया तो भाजपा ने इस विचार को छोड़ दिया था। इसके बाद विश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

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