क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: सिस्टम में करप्शन का कीड़ा हर लेवल में घुसा हुआ है. फिर चाहे वो ड्राइविंग करने के लिए लाइसेंस बनवाना हो, वोटर आईडी बनवाना हो, राशन कार्ड बनवाना हो या फिर पासपोर्ट ही क्यों न बनवाना हो. जी हां, पासपोर्ट बनवाने के लिए भी पासपोर्ट ऑफिस के आसपास ही आपको कई एजेंट मिल जाएंगे. हालांकि, सरकार ने पासपोर्ट बनाने के लिए पारदर्शी तरीका अपनाते हुए आवेदन को ऑनलाइन कर दिया है. लेकिन ऑफिस में बैठे अधिकारी बार-बार आवेदक को लौटा देते हैं. इससे तंग आकर आवेदक दलाल को ढूंढने लगते हैं. ये एजेंट पासपोर्ट के लिए अप्लाई करने से लेकर पासपोर्ट दिलवाने तक का जिम्मा लेते हैं. इन्होंने अपना अलग रेट भी तय कर रखा है. पासपोर्ट बनवाने के लिए एजेंट 3000 रुपए वसूलते है, जबकि सरकारी फीस मात्र 1500 रुपए है. हर दिन लगभग 500 लोग आते हैं पासपोर्ट बनवाने. पिस्का मोड़ गैलेक्सिया मॉल स्थित पासपोर्ट ऑफिस के नीचे ही एजेंट अपना गोरखधंधा कर रहे हैं. ग्राहक बनकर जब इनसे कॉन्टेक्ट किया गया तो इन्होंने सारी प्रक्रिया एक-एक कर समझा दी.

तत्काल के लिए 8000 रुपए

एजेंट ने बताया कि अगर नॉर्मल अप्लाई करना है तो 3000 रुपए लगेंगे. यह 45 दिन में आपके घर आ जायेगा. वहीं अगर तत्काल चाहिए तो इसके लिए 8000 रुपए लगेंगे. जबकि सरकारी फीस 3500 रुपए है. तत्काल के अप्लाई करने पर सरकार कम से कम एक हफ्ते का समय लगता है लेकिन एजेंट दो से तीन दिन में पासपोर्ट बनवाने का दावा करते हैं. पासपोर्ट बनने के बाद पुलिस वेरिफिकेशन किया जाएगा. तत्काल के लिए वैसे लोग अप्लाई करते हैं जिन्हें अर्जेट बाहर जाना हो, मेडिकल इमरजेंसी हो या फिर जिन्हें जॉब लग चुका है और पासपोर्ट की डिमांड की जा रही है.

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डीजे आईनेक्स्ट के रिपोर्टर की एजेंट से सीधी बातचीत

रिपोर्टर : क्या आप पासपोर्ट बनवाते हैं?

एजेंट : हां, बनवाते हैं. क्या आप अपना डॉक्यूमेंट्स लाये हैं?

रिपोर्टर : क्या डाक्यूमेंट लगेगा?

एजेंट : आधार कार्ड व 10वीं का सर्टिफिकेट.

रिपोर्टर : कैसे अप्लाई होगा, मुझे क्या करना होगा?

एजेंट : जब बोलिए, अप्लाई हो जायेगा. आपको कुछ नहीं करना होगा. सब हमलोग करेंगे. आप सिर्फ फोटो खिंचवाने आ जाइएगा.

रिपोर्टर : कितना दिन लगेगा?

एजेंट : आपको कितना दिन में चाहिए. अगर तत्काल चाहिए तो आधार कार्ड के साथ पैन कार्ड और बैंक का पासबुक लगेगा. तीन दिन में आपको पासपोर्ट मिल जायेगा. गैजेटेड ऑफिसर से लिखवाना पड़ता है वो भी हम करवा देंगे. पासपोर्ट बनने के बाद पुलिस वेरिफिकेशन होगा.

रिपोर्टर : हमको कितना बार आना पड़ेगा?

ऐजेंट : बस एक बार. सिर्फ फोटो खिंचवाने के समय. अगर आप डायरेक्ट जाईयेगा तो आपको पहले, दो बार कागज में फॉल्ट निकाल कर दौड़ाया जाएगा. कई लोगों का तो पैसा भी डूब जाता है. जमा होने के 20 दिन बाद थाना से फोन आएगा. फिर 20 दिन बाद मैसेज आ जायेगा पासपोर्ट रेडी हो चुका है. लोग खुद से नहीं कर पाते हैं, इसलिए मेरे पास आते हैं.

क्या कहते हैं आवेदक

नाम नहीं छापने का आग्रह करते हुए पासपोर्ट के लिए आवेदन करने आये लोगों ने बताया कि सरकारी काम में बिना ऊपरी खर्च किए कुछ नहीं होता. ऑनलाइन प्रक्रिया बहुत सरल है, लेकिन ऑफिस से ही कुछ न कुछ फॉल्ट निकाल दिया जाता है. इससे परेशानी बढ़ जाती है. इसलिए दलाल की शरण में आना ही पड़ता है. पुलिस विभाग में जांच के लिए भी जब पेपर भेजा जाता है तो वो वहीं पड़ा रहा जाता है. कहीं काम रुक न जाये, इस डर से लोग कुछ बोलते नहीं हैं.

वर्जन

इस बारे में कह पाना तो मुश्किल होगा. कौन आता कौन नहीं, हम लोग किसी से कुछ पूछते नहीं. ऐसे कलेक्शन ऑफिस में सिर्फ अप्लीकेंट को ही एंट्री दी जाती है. इस संबंध में ज्यादा डिटेल हमारे सीनियर ही बता पाएंगे.

दीपेन कुमार, पासपोर्ट ऑफिस रांची