-ट्रैफिक पुलिस ने एमजी रोड पर काटा 4000 हजार का चालान

-कानपुर में स्कूटी स्वामी के घर पहुंचा भुगतान का लिंक

आगरा। जब से मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों में बदलाव हुए हैं और ट्रैफिक रूल्स फॉलो न करने वालों से हैवी पैनल्टी वसूली जा रही है, तब से लोग भी इनसे बचने के कई तरीके अपनाने में लगे हुए हैं। लोग फर्जी नेम प्लेट लगाकर व्हीकल्स को दौड़ा रहे हैं। शहर के एमजी रोड पर फेक नंबर से दौड़ रही कार का ई-चालान कानपुर में रहने वाले स्कूटी स्वामी के घर पहुंच गया। मानसिक तनाव में आया स्कूटी स्वामी अब चालान डिस्पोजल के लिए ट्रैफिक पुलिस के चक्कर लगाने को मजबूर है।

स्कूटी का चालान देख हुए दंग

प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में सड़क सुरक्षा सप्ताह अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत ट्रैफिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने की भी कवायद की जा रही है। इसी क्रम में बीते 17 अक्टूबर को एमजी रोड पर एक कार का चालान किया गया। इसकी पैनल्टी करीब चार हजार रुपए थी। लेकिन, यह चालान कानपुर में रहने वाले स्कूटी स्वामी आकाश श्रीवास्तव के घर पहुंच गया। जब आकाश ने आगरा का चालान देखा तो वह दंग रह गए। इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। फर्जी नंबर पर दौड़ रहे वाहनों के चालान उन नंबरों के मालिकों के पास पहुंच रहे हैं। लेकिन ट्रैफिक पुलिस द्वारा अभी तक ऐसे लोगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है जो कि फर्जी नंबरों पर वाहनों को दौड़ा रहे हैं।

नबंर कोई और तो वाहन कोई

ई-चालान की व्यवस्था से ट्रैफिक पुलिस द्वारा बिना किसी बहस के चालान कर दिया जाता है। यह चालान रजिस्टर्ड नंबर पर उस व्यक्ति के घर पहुंच जाता है, जिसके नाम चालान काटा गया है। उस व्यक्ति द्वारा तय धनराशि का भुगतान किया जाता है। लेकिन, अब कई केसेज सामने आने पर ई-चालान की व्यवस्था पर सवाल भी उठने लगे हैं। क्योंकि मैनुअल चालान में फाइन भरने से पहले वाहन के डाक्यूमेंट्स की जांच की जाती है, इससे स्थिति स्पष्ट हो जाती है कि वाहन स्वामी कौन है।

इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। गलत चालान होने पर इसको निरस्त कर दिया जाता है। अगर स्कूटी स्वामी को भुगतान के लिए चालान पहुंचा है तो वह मूल दस्तावेजों को लेकर कार्यालय में दिखा सकता है। इसके बाद ही चालान निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

हरीराम, सीओ ट्रैफिक

Posted By: Inextlive

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