वायरलेस करके सभी थानेदारों को दिए गए निर्देश

पेट्रोल पंप मालिकों पर शिकंजा कसने की तैयारी

Meerut. यदि आपके वाहन का इंजन सीज हो गया है या इंजन खराब हो गया है और आपके पास पेट्रोल पंप से पेट्रोल डलवाने की पर्ची है तो आप संबधित थाने में पेट्रोल पंप मालिक के खिलाफ मुकदमा कायम करा सकते हैं. पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ शिकंजा कसने के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारी कर ली है. इसके लिए पुलिसकर्मियों और थानेदारों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

वायरलेस पर आदेश

वायरलेस के माध्यम से जिले के पुलिसकर्मियों, थानेदारों को आदेश दिया गया है कि यदि पेट्रोल पंप की शिकायत लेकर कोई भी फरियादी आ रहा है तो उसकी शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जाए. यह भी कहा गया कि इंजन सीज और इंजन खराब होने के मामले यदि आपके सामने आ रहे हैं तो उन्हें किसी सूरत में इग्नोर न करें, वरना पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. इसको गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई करें.

देने होंगे साक्ष्य

मुकदमा कायम कराने के लिए कुछ कागजात भी थाने में तहरीर के साथ देने होंगे. यदि आपके वाहन का इंजन सीज हो गया या फिर खराब हो गया है तो आपके पास पेट्रोल पंप का बिल होना चाहिए, जहां से आपने पेट्रोल डलवाया है. इसी के साथ-साथ वह भी कागजात देने होंगे जब आपने इंजन को ठीक कराने के बाद कंपनी से लिए होंगे. इसके बाद ही मुकदमा कायम किया जाएगा.

राजीव जैन पर रासुका लगाने की तैयारी

मिलावटी पेट्रोल बेचने के मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी राजीव जैन के खिलाफ रासुका लगाने की तैयारी है. इसके लिए 125 पन्नों की पूरी फाइल तैयार हो गई है. एसएसपी और डीएम ने हस्ताक्षर कर संस्तुति भी कर दी है. विवेचक रासुका की फाइल लेकर जेल पहुंचे. यहां पर सभी पन्नों पर राजीव जैन के हस्ताक्षर कराए गए. बताते हैं कि अन्य आरोपियों के खिलाफ भी रासुका लगाई जाएगी.

क्या था मामला

कुछ दिन पहले आईजी के आदेश पर क्राइम ब्रांच की टीम ने टीपी नगर से राजीव जैन, श्वेत, उमेश, तफशीराम, प्रदीप गुप्ता, आकाश गर्ग, आनंद प्रकाश, रविंद्र कुशवाह, राजवीर और राजकुमार के खिलाफ कार्रवाई की थी. इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ रासुका लगाने के आदेश भी आला अधिकारियों ने दिए थे.

जांच रिपोर्ट तलब की

मिलावटी तेल के 'खेल' का भंडाफोड़ होने पर जिला प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है. वहीं दूसरी ओर बुधवार को मजिस्ट्रियल जांच के दौरान इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और जिला पूर्ति विभाग की तेल माफिया के साथ मिलीभगत उजागर हुई है. एडीएम सिटी अजय कुमार तिवारी ने जिला पूर्ति विभाग, बाट-माप विभाग समेत तेल कंपनी को नोटिस जारी कर समय-समय पर की गई जांच की रिपोर्ट तलब की है.

तैयार की रिपोर्ट

जांच अधिकारी एडीएम सिटी ने बुधवार को अब तक हुई कार्रवाई पर रिपोर्ट तैयार की. गौरतलब है कि मेरठ में मिलीवटी तेल की धरपकड़ में कई पेट्रोल पंपों पर छापेमारी की गई तो वहीं केरोसिन डिपो पर भी जांच-पड़ताल की गई. इसी क्रम में मेरठ के चर्चित रतिराम खूबचंद्र केरोसिन डिपो पर जांच के दौरान स्टाक में 71,888 लीटर केरोसिन अधिक मिला था.

एक-दो दिन में होगी छापेमारी

कुंडा स्थित केरोसिन डिपो में मिले अवैध केरोसिन के भंडारण पर जिला प्रशासन का रुख सख्त है. एडीएम सिटी ने बताया कि एक-दो दिन में डिपो में खुदाई करके जमीन में दबे टैंकों को बाहर निकाला जाएगा. प्रशासन को आशंका है कि कुछ और भी अवैध टैंक जमीन में दबे हो सकते हैं.

डिपो में अवैध केरोसिन के धरपकड़ के प्रकरण में जांच जारी है. ऑयल कंपनी और पूर्ति विभाग की मिलीभगत की जांच भी हो रही है. जल्द ही अग्रिम कार्रवाई होगी.

अजय कुमार तिवारी, एडीएम सिटी

मिलावटी पेट्रोल से वाहन खराब हो रहे हैं. यदि किसी वाहन का इंजन सीज हो रहा है और उसके पास पेट्रोल पंप के खिलाफ साक्ष्य हैं तो मुकदमा कायम कराएं, हम सख्त कार्रवाई करेंगे. इसके अलावा राजीव जैन के मामले में रासुका की कार्रवाई हो गई है. एसआईटी अन्य बिंदुओं पर जांच पड़ताल कर रही है.

अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी