- इस सप्ताह होने वाली एसटीए की बैठक में लिया जा सकता है निर्णय

- फ्लैक्सी फेयर और कैंसिलेशन चार्ज भी किए जाएंगे डिसाइड

lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : परिवहन निगम जल्द इस मुद्दे को एसटीए (स्टेट ट्रांसपोर्ट अथारिटी) की बैठक में रखेगा. विभागीय अधिकारियों के अनुसार इसी हफ्ते होने वाली एसटीए की बैठक में ओला उबर के लिए कई नए मानक भी जारी करने की तैयारी है. हालांकि बैठक में ओला-उबर का किराया दो रुपए प्रति किमी बढ़ाया जा सकता है.

फ्लैक्सी फेयर बंद होगा
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार ओला-उबर के ड्राइवर्स को राहत देने के लिए इसके किराए में दो रुपए तक का इजाफा किया जा सकता है. वहीं कंपनी की उन शर्तो को दरकिनार कर दिया जाएगा, जिससे पैसेंजर्स की जेब पर बोझ पड़ता है.

 

इस तरह करते हैं खेल
ओला-उबर फ्लैक्सी फेयर के नाम पर शाम पांच बजे से रात नौ बजे तक किराया प्रति किमी दो गुना बढ़ा देते हैं. वाहनों की कमी दिखाकर यह पैसा यात्रियों से वसूला जाता है. बहुत से लोगों को तो इसका पता भी नहीं चलता है.

 

कैंसिलेशन पर भी चार्ज
वहीं कई बार जब लोग ओला-उबर की बुकिंग कराते हैं और किन्हीं कारणों से उसे कैंसिल करते हैं तो उनसे ये कंपनियां 50 से 100 रुपए तक वसूलती हैं. कई बार तो किराए का 50 फीसद तक लोगों से ले लिया जाता है. अब यह रेट भी ि1फक्स किया जा सकता है.

फाेन से भी होगी बुकिंग
अब ओला-उबर की बुकिंग के लिए सिर्फ एप का ही यूज नहीं होगा. लोगों को फोन से भी बुकिंग की सुविधा दी जाएगी. यही नहीं उनकी शिकायतों के समाधान के लिए एक केंद्र बनाया जाएगा, जहां लोग ओला-उबर से जुड़ी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे.

 

डीजल वाली गाडि़यों पर जुर्माना
शहर में ओला-उबर का संचालन सीएनजी से होना चाहिए लेकिन इनकी बहुत सी गाडि़यां डीजल से भी चल रही हैं. अगले सप्ताह से इसकी जांच शुरू होगी और ऐसे वाहनों का चालन कर एक हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा.

ओला-उबर में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए एसटीए की बैठक में कई मुद्दे रखे जाने हैं. इनके संचालक अब पैसेंजर्स को ठग नहीं सकेंगे, भले ही किराया कुछ बढ़ाया जा सकता है.

अनिल मिश्रा, डीटीसी लखनऊ जोन

परिवहन विभाग