चूमार सेक्टर में घुसपैठ

सूत्रों के मुताबिक चीन की वायुसेना पीएलए एयरफोर्स के दो हेलीकॉप्टरों ने 11 जुलाई की सुबह आठ बजे लद्दाख के चूमार सेक्टर में घुसपैठ की. संभवत: भारतीय इलाके की टोह लेने आए हेलीकॉप्टर कुछ देर में वापस लौट गए. यह घटना रक्षा मंत्री एके एंटनी की हालिया चीन यात्रा के तुरंत बाद हुई है जिसमें चीन ने साझा बयान जारी कर सीमा पर हर हाल में शांति बनाए रखने का संकल्प जताया था.

निगरानी कैमरा तोड़कर साथ ले गए थे

इस साल अप्रैल-मई के दौरान लद्दाख के दिपसांग इलाके में दोनों मुल्कों के बीच तीन हफ्तों तक चले सैन्य गतिरोध के बाद से चूमार सेक्टर में चीनी सेना खासी सक्रिय है. वायुसीमा में घुसपैठ से पहले 17 जून को इसी सेक्टर में चीनी सेना का गश्ती दल भारतीय सीमा चौकी पर लगा निगरानी कैमरा तोड़कर अपने साथ ले गया था. भारत के एतराज जताने के बाद 3 जुलाई को चुशूल में हुई सीमा बैठक में चीनी सेना ने कैमरा वापस किया. लेकिन, सूत्रों के मुताबिक एलएसी के विवादित इलाकों में चीन के गश्ती दलों की आवाजाही बदस्तूर जारी है.

चूमार चीनी सेना के आंख की किरकिरी

चूमार का इलाका काफी समय से चीनी सेना की आंख की किरकिरी बना हुआ है क्योंकि एलएसी के इस सेक्टर में चीन के मुकाबले भारत रणनीतिक लाभ की स्थिति में है. गत 6 मई को दिपसांग में अपने सैन्य तंबुओं को हटाने से पहले भी चीन ने शर्त रखी थी कि भारत चूमार सेक्टर में एलएसी पर बनी अंतिम चौकी पर लगाया गया शेड हटाए. समाधान का रास्ता निकालने के लिए भारत इस शेड को हटाने पर राजी भी हो गया था.

चल रही है रक्षा सहयोग समझौते की वार्ता

दोनों देशों के बीच नए रक्षा सहयोग समझौते को लेकर भी वार्ता चल रही है जिसमें सीमा क्षेत्र में भारत के ढांचागत निर्माण को लेकर चीनी परेशानियां साऊ साफ जाहिर होती हैं. समझौते के लिए भारत को भेजे मसौदे में चीन सीमा पर नया ढांचागत निर्माण रोकने और सैन्य जमावड़ा निर्धारित करने जैसी पेशकश भी कर चुका है. भारतीय खेमा हालांकि ऐसे प्रस्तावों को खारिज करता है.

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