- पांच स्थानों पर लगाए गए हैं एनवायरमेंट सेंसर

- पांच चौराहे भी किए गए हैं कनैक्ट

- नई व्यवस्था लागू होने से डिजिटल तरीके से हो सकेगी निगरानी

आगरा. इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रुम का फ‌र्स्ट फेस आज 15 अगस्त गुरुवार से शुरु हो जाएगा. इस बारे में स्मार्ट सिटी के नोडल अफसर की मानें तो पहले चरण में पांच एनवायरलमेंट सेंसा लगाए जाएंगे. पांच चौराहों को इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाएगा. 12 सीसीटीवी कैमरों को कनैक्ट किया जाएगा. दो स्थानों पर डिजिटल साइन बोर्ड लगाए गए हैं. इसके अलावा कैमरों को डायल-100 से जोड़ा गया है. कुछ दिन बाद आम लोगों के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा. इससे लोग कोई कंप्लेन सीधे कंट्रोल रुम में कर सकें. नई व्यवस्था लागू होने से शहर की डिजिटल तरीके से निगरानी हो सकेगी.

फ‌र्स्ट फेस में इनकी होगी शुरुआत

15 अगस्त गुरुवार से कंट्रोल रुम की शुरुआत में कुछ चौराहों को कनैक्ट किया गया है. इसके अलावा प्रदूषण मापांक एनवायरमेंट सेंसर भी लगाए गए हैं.

यहां होंगे एनवायरमेंट सेंसर

-संजय प्लेस

- बिग बाजार

- एबीआई जोनल ऑफिस

- धूलियागंज

- एसबीआई बैंक के पास

इन चौराहों को किया गया शामिल

ये जुड़ेगे ट्रैफिक इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम लागू होगी सिगल प्रणाली

- सूरसदन

- नामनेर चौराहा

- खंदारी चौराहा

- सेंट जोंस चौराहा

- पालीवाल पार्क चौराहा

यहां लगे सीसीटीवी कैमरे

- स्थान का नाम कैमरों की संख्या

बिग बाजार 3

संजय प्लेस 3

पालीवाल पार्क 3

नालबंद 3

नोट: दो डिजिटल साइन बोर्ड लगाए गए हैं, इन पर ट्रैफिक रुल्स व अन्य जानकारी मिल सकेगी. इसके अलावा अन्य जानकारी भी उपलब्ध होगी.

कुछ कैमरों को डायल-100 से भी जोड़ा गया है. इससे पेट्रोलिंग की लोकेशन ट्रेस हो सके.

- ट्रैफिक पुलिस को 50 वॉडी वोर्न कैमरे दिए जाएंगे. अभी प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

बॉक्स

मार्च 2019 में किया जाना था शुरु

इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रुम को मार्च 2019 में शुरु किया जाना था, लेकिन स्मार्ट सिटी के कार्यो की लेटलतीफी के चलते आईसीसीसी शुरु नहीं हो सका. फिर इसको जुलाई 2019 में शुरु करने की तिथि निर्धारित की गई. लेकिन जुलाई तक इंटीनियर डिजायन का वर्क ही पूरा हो सका. ढाई सौ करोड़ से ज्यादा लागत से तैयार हो रहे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से स्मार्ट सिटी 1000 करोड़ से होने वाले प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग की जाएगी.

सेकेंड फेस में ये होगा काम

आईसीसीसी में व्यवस्थाओं के बेहतर संचालन के लिए 28 ऑपरेटरों को तैनात किया जाएगा. ये 24 घंटे शिफ्ट के हिसाब से ड्यूटी करेंगे. पल-पल की स्थिति पर पैनी नजर रखेंगे. सेंटर से ट्रैफिक मैनेजमेंट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, वाटर सप्लाई, फायर बिग्रेड, ई-गर्वनेंस, स्ट्रीट लाइट, सीवेज मैनेजमेंट सभी प्रकार की सुविधाओं को एक प्लेटफॉर्म मुहैया हो जाएगा. कोई भी डिजास्टर होने पर क्विक रिस्पांस मिल सकेगा.

63 चौराहों पर लगेंगे पैनिक बटन और एएनपीआर कैमरे

शहर के 63 चौराहों पर पैनिक बटन लगाए जाएंगे. इनका उपयोग कोई भी ग‌र्ल्स या ओल्ड लेडी या जेन्ट्स किसी भी प्रकार की इमरजेंसी में प्रयोग कर सकेगा. जैसे किसी ग‌र्ल्स के साथ ईव टीजिंग की घटना होती है, तो पैनिक बटन दबाकर वह हेल्प मांग सकेगी. इस दौरान चौराहे से ग‌र्ल्स का ऑडियो और वीडियो दोनों कंट्रोल रुम में स्क्रीन पर देखे जा सकेंगे. इसके बाद इसको डायल-100 पुलिस टीम को रेफर कर दिया जाएगा, जिससे वह संबंधित आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कर सकेगी.

एएनपीआर कैमरे से नबंर प्लेट हो सकेगी रीड

शहर के 63 चौराहों पर जो एएनपीआर ऑटोमेटिक नबंर प्लेट रिक्नाइज्ड कैमरे लगेंगे. ये किसी भी वाहन की नंबर प्लेट को रिक्नाइज्ड करने में सक्षम होंगे. ऐसे में कोई वाहन चालक कोई क्राइम कर भागने की कोशिश करता है, तो एएनपीआर कैमरे से उसको पकड़ा जा सकेगा.

ऑटोमेटिक होंगी ट्रैफिक लाइट

जो चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाई जाएंगी. वे ऑटोमेटिक होगी. ऐसे में कोई व्यक्ति रेड लाइट को क्रॉस कर भागने की कोशिश करता है, तो ऑटोमेटिक उसका चालान वाहन स्वामी के नाम से घर पहुंच जाएगा. इसके लिए पूरा डेटा मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट से लिंक किया जा रहा है.

ये सेवाएं भी होंगी कनैक्ट

स्मार्ट पार्किंग

- ट्रैकिंग ऑफ सॉलिड वेस्ट

- एरिया बेस्ड डेवलपमेंट एबीडी

- स्मार्ट मैप जीआईएस

- फायर बिग्रेड कंट्रोल सिस्टम

- डायल-100

- इमरजेंसी रेस्पांस एवं डिजास्टर मैनेंजमेंट

- इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम

- सोलर पोल एवं स्ट्रीट लाइट

- डायल 108 की सेवा