लखनऊ (ब्यूरो)। ट्रैफिक रूल्स वायलेट करने पर बढ़ी जुर्माने की दरों को लेकर मचे हो-हल्ले के बीच एक बात से आप नावाकिफ होंगे। इस एक्ट में कम्युनिटी सर्विस पनिशमेंट का भी प्रावधान किया गया है। इसके तहत वाजिब वजह के चलते ट्रैफिक रूल्स वायलेट करने वाले पर न्यायिक अधिकारी जुर्माने की जगह यह सजा दे सकते हैं। वहीं, उद्दंड वाहन चालकों को जुर्माने के साथ-साथ यह सजा भुगतनी पड़ सकती है। एसपी ट्रैफिक पूर्णेंदु सिंह का कहना है कि ट्रैफिक रूल्स वायलेशन करने पर आरोपी अक्सर जुर्माना भरकर भूल जाता है और दोबारा गलती करता है। लेकिन, कम्युनिटी सर्विस पनिशमेंट उसे हमेशा याद रहेगा।

यह है प्रावधान

एसपी ट्रैफिक पूर्णेन्दु सिंह ने बताया कि द न्यू मोटर व्हीकल्स (अमेंडमेंट) एक्ट-2019 की धारा 200 के सब सेक्शन 1 में कम्युनिटी सर्विस पनिशमेंट का प्रावधान है। इसके तहत राज्य सरकार जुर्माने के साथ आरोपी को तय समय की मियाद के लिये कम्युनिटी सर्विस का पनिशमेंट देना तय कर सकती है। दरअसल, न्यू मोटर व्हीकल एक्ट लागू होते ही जुर्माने में 10 गुना तक बढ़ोतरी को लेकर वाहन चालकों में भय व्याप्त है। सोशल मीडिया पर इसके विरोध के साथ ही लोग भारी भरकम जुर्माने के डर से अपने वाहनों के दस्तावेज संजोने में जुटे हैं। इसके साथ ही ड्राइविंग में भी डिसिप्लिन देखने में आ रहा है। हालांकि, अभी कम ही लोग इससे वाकिफ हैं कि उन्हें जुर्माने के साथ कम्युनिटी सर्विस पनिशमेंट की भी सजा मिल सकती है।

यह हो सकता है कम्युनिटी सर्विस पनिशमेंट

- 1 से 2 घंटे तक चौराहे पर ट्रैफिक रेगुलेट करने में ट्रैफिक पुलिस की मदद करना

- तय समय के लिये वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की सेवा करना या सफाई करना

- तय समय के लिये सीनियर सिटीजंस व दिव्यांगों को सड़क पार कराना

- तय समय के लिये स्कूल्स के बाहर खड़े होकर ट्रैफिक रूल्स के प्रति छात्रों को अवेयर करने वाले पम्फलेट बांटना

- तय संख्या में पेड़ लगाना और एनवायरमेंट अवेयरनेस करना

- तय समय के लिये हॉस्पिटल में पेशेंट्स की देखभाल करना

'ट्रैफिक रूल्स वायलेशन करने पर आरोपी अक्सर जुर्माना भरकर भूल जाता है और दोबारा गलती करता है। लेकिन, कम्युनिटी सर्विस पनिशमेंट उसे हमेशा याद रहेगा।'

- पूर्णेंदु सिंह, एसपी ट्रैफिक

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Posted By: Satyendra Kumar Singh

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